Sat. Feb 4th, 2023

    केरल की नवनिर्वाचित वामपंथी मोर्चा सरकार 20 मई को शपथ ग्रहण करेगी। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा है कि यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि समारोह में बहुत कम लोग ही शामिल हों। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की केरल इकाई ने शनिवार को नए मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण वर्चुअल प्लेटफार्म पर आयोजित किए जाने का सुझाव दिया था। आईएमए ने कोविड-19 के मामलों में अप्रत्याशित वृद्धि को देखते हुए यह सुझाव दिया था।

    शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन केंद्रीय स्टेडियम के बाहर, राज्य सचिवालय में कोविड प्रोटोकॉल के साथ होगा। मीडिया कर्मियों  द्वारा पूछे जाने पर कि क्या वर्चुअल समारोह आयोजित होगा, विजयन ने कहा कि “हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि बड़े पैमाने पर लोगों की भागीदारी ना हो। शपथ ग्रहण समारोह में बहुत कम लोग ही भाग लेंगे”। मीडिया कर्मियों ने विजयन से यह भी पूछा था कि समारोह में भाग लेने वाले लोगों की कुल संख्या कितनी होगी। इस शपथ ग्रहण समारोह में आने वाले लोगों की अधिकतम संख्या 750 बताई गई है है।

    लेकिन विजयन अभी भी कुल संख्या पर कोई पुष्टि नहीं कर रहे हैं, क्योंकि मुख्यमंत्री पद सहित नियमों के अनुसार  शपथ ग्रहण समारोह में उनके पास अधिकतम 21 मंत्री  ही हो सकते हैं।

    शपथ ग्रहण समारोह के लिए अब सिर्फ एक सप्ताह बचा है और खबरें सामने आ रही हैं कि इस समारोह को लेकर अंतिम मिनट की बातचीत चल रही है। पिनराई विजयन का नाम अब हर किसी की जुबान पर दिखता नजर आ रहा है क्योंकि वह अब एलडीएफ में एक अंतिम नेता बन गए है। उन्होंने इतिहास रचते हुए अपनी सत्ता बरकरार रखने वाले केरल के पहले  नेता बन गए हैं।

    बता दें कि इस बार की विधानसभा चुनावों में पी. विजयन मुख्यमंत्री होंगे तो उनके दामाद मोहम्मद रियाज विधायक होंगे। रियाज विजयन की बेटी वीणा के पति हैं। वीणा बेंगलुरु में आईटी इंटरप्रेन्योर हैं। विजयन ने धर्मादम सीट से जहां 50 हजार से अधिक वोटों से जीत हासिल की वहीं रियाज ने बेपोर सीट पर 20 हजार मतों से बाजी मारी। जबकि कुछ एग्जिट पोल में रियाज के हारने की संभावना व्यक्त की गई थी।

    By दीक्षा शर्मा

    गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, दिल्ली से LLB छात्र

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