शुक्रवार, फ़रवरी 21, 2020

जानें, केंद्र सरकार और आरबीआई के बीच क्यों बढ़ रही है तल्खी?

Must Read

निर्भया मामला: आरोपी विनय नें खुद को चोट पहुंचाने की की कोशिश, इलाज के लिए माँगा समय

2012 में दिल्ली में हुए निर्भया मामले (Nirbhaya Case) में चार आरोपियों में से एक विनय नें आज जेल...

गुजरात सीएम विजय रूपानी ने डोनाल्ड ट्रम्प-मोदी रोड शो की तैयारी की की समीक्षा

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपानी (Vijay Rupani) ने गुरुवार को अहमदाबाद में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) और...

डोनाल्ड ट्रम्प की अहमदाबाद की 3 घंटे की यात्रा के लिए 80 करोड़ रुपये खर्च करेगी गुजरात सरकार: रिपोर्ट

समाचार एजेंसी रायटर ने बुधवार को सूचना दी कि अहमदाबाद में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) की...

देश की दो बड़ी ताकतवर संस्थाएं अब एक दूसरे के सामने आती हुईं दिख रहीं है। हाल के दिनों में आरबीआई और केंद्र सरकार के बीच गर्मागर्मी का माहौल चर्चा का विषय बनता हुआ नज़र आया है। इस बीच केंद्र और आरबीआई के बीच संवाद में भी कमी देखने को मिली है।

ऐसे में आरबीआई के डिप्टी गवर्नर का चयन भी काफी दिलचस्प रहा है। माना जा रहा है कि आरबीआई के डिप्टी गवर्नर की कुर्सी पर विरल आचार्य को बिठाने के पीछे उर्जित पटेल का बड़ा रोल है। माना जा रहा है कि अभी तक आरबीआई में चली आ रही केंद्र की पकड़ पर भी अब बट्टा लगता हुआ दिखाई दे रहा है।

चर्चा का विषय है कि अगले वर्ष सितंबर माह में उर्जित पटेल का 3 साल का कार्यकाल उसी समय समाप्त हो जाएगा। आमतौर पर आरबीआई गवर्नर को केंद्र सरकार कार्यकाल खत्म होने पर कुछ महीनों या सालों का सेवा विस्तार दे देती है।

हालाँकि अंदर के लोगों के अनुसार उर्जित पटेल का वर्तमान में चल रहा कार्यकाल भी काफी अनिश्चित है। ऐसे में यदि आरबीआई केंद्र के साथ अपने सम्बन्धों को सुधारने की पहल नहीं करती है, तो उर्जित को इस तल्खी की कीमत अपनी कुर्सी छोड़ कर चुकनी पड़ सकती है।

वर्ष 2018 में ही केंद्र सरकार और आरबीआई के बीच करीब 1 दर्जन मुद्दों पर आपसी असहमति नज़र आई है। जिसमें आरबीआई द्वारा अपनी ब्याज दरों को कम न करना सबसे बड़ा मुद्दा रहा है। हाल ही में देश की अर्थव्यवस्था अपने बुरे दिनों से गुज़र रही है, ऐसे में केंद्र चाहता था कि आरबीआई अपनी ब्याज दरों को घटा ले, लेकिन आरबीआई ने ऐसा करने से साफ मना कर दिया था।

इसी के साथ नीरव मोदी कांड पर भी केंद्र ने आरबीआई पर पैनी नज़रें न रखने के लिए अपनी नाराजगी जाहिर की थी। तब सरकार ने भी बयान देते हुए कहा था कि आरबीआई सार्वजनिक क्षेत्रों की बैंकों पर अधिक से अधिक स्वामित्व चाहती है।

वहीं सरकार ने एनबीएफ़सी मुद्दे पर आरबीआई से कड़े फैसले लेने के लिए कहा था।

- Advertisement -

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Latest News

निर्भया मामला: आरोपी विनय नें खुद को चोट पहुंचाने की की कोशिश, इलाज के लिए माँगा समय

2012 में दिल्ली में हुए निर्भया मामले (Nirbhaya Case) में चार आरोपियों में से एक विनय नें आज जेल...

गुजरात सीएम विजय रूपानी ने डोनाल्ड ट्रम्प-मोदी रोड शो की तैयारी की की समीक्षा

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपानी (Vijay Rupani) ने गुरुवार को अहमदाबाद में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi)...

डोनाल्ड ट्रम्प की अहमदाबाद की 3 घंटे की यात्रा के लिए 80 करोड़ रुपये खर्च करेगी गुजरात सरकार: रिपोर्ट

समाचार एजेंसी रायटर ने बुधवार को सूचना दी कि अहमदाबाद में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) की आगामी यात्रा की तैयारियों पर...

डोनाल्ड ट्रम्प के दौरे की तैयारियां भारतियों की ‘गुलाम मानसिकता’ को दर्शाता है: शिवसेना

शिवसेना (Shivsena) ने सोमवार को कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) की बहुप्रतीक्षित यात्रा की चल रही तैयारी भारतीयों की "गुलाम मानसिकता"...

“अरविंद केजरीवाल को कभी आतंकवादी नहीं कहा”: प्रकाश जावड़ेकर

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर (Prakash Javadekar) ने शुक्रवार को इस बात से इनकार किया कि उन्होंने कभी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal)...
- Advertisement -

More Articles Like This

- Advertisement -