दा इंडियन वायर » समाचार » केंद्रीय कैबिनेट का फैसला: खरीफ की फसलों के लिए 62% तक बढ़ी एमएसपी
व्यापार समाचार

केंद्रीय कैबिनेट का फैसला: खरीफ की फसलों के लिए 62% तक बढ़ी एमएसपी

केंद्र सरकार ने धान पर एमएसपी में 72 रुपये प्रति क्विटंल का इजाफा किया है। इससे वित्त वर्ष 2021-22 के लिए धान की एमएसपी बढ़कर 1,940 रुपये प्रति क्विंटल हो गई। इससे पिछले वित्त वर्ष में धान की एमएसपी 1,868 रुपये प्रति क्विंटल पर थी। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को एमएसपी में बढ़ोत्तरी के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बुधवार को इस बात की जानकारी दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कई अन्य फैसले भी किए गए।

कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि फसलों के एमएसपी में इजाफा किया जा रहा है और भविष्य में भी ऐसा किया जाएगा। तोमर ने ट्वीट कर कहा, ”प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में विगत 7 वर्षों में लगातार कृषि के क्षेत्र में एक के बाद एक अनेक ऐसे निर्णय हुए जिससे किसान की आमदनी बढ़े, किसान महंगी फसलों की ओर आकर्षित हो, किसान के घर में खुशहाली आये और खेती फायदे का सौदा बने।”

उन्होंने कहा कि, ‘मोदी सरकार का, एमएसपी को उत्पादन लागत के 1.5 गुना (अथवा उत्पादन लागत पर कम से कम 50% मुनाफा) के स्तर पर निर्धारित करने की दिशा में एक क्रान्तिकारी फैसला है।’

तोमर ने कहा कि पिछले वर्ष के 372.23 लाख मिट्रिक टन खरीद की तुलना में, अब तक लगभग 416.95 लाख मिट्रिक टन से अधिक गेहूं की खरीद हुई है, जिससे लगभग 45.67 लाख किसान लाभान्वित हुए हैं।

सरकार की पूरी कोशिश दाल और खाद्य तेलों के मामले में आयात निर्भरता हर हाल में घटाने की है। कैबिनेट के फैसले की जानकारी देने आए केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने प्रमुख फसलों के समर्थन मूल्य में की गई वृद्धि का ब्योरा दिया। उन्होंने विपक्षी दलों और कृषि कानून विरोधी आंदोलन करने वालों को जवाब देने के अंदाज में कहा कि एमएसपी पहले भी थी, अब भी है और आगे भी जारी रहेगी। किसानों के हित में इसमें लगातार बढ़ोतरी होती रहेगी।

नए कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ लंबे समय से दिल्ली बार्डर पर डेरा जमाए किसान संगठनों के नेताओं पर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने फिर दो टूक कहा कि हमने तो उनको बेस्ट आफर दिया है, वे आगे तो आएं। नए कानूनों पर बातचीत के लिए तर्को के साथ आएं। किसान नेताओं से कृषि कानूनों के अलावा अन्य मुद्दों पर भी बात करने को तैयार हैं। हम किसानों के हित में हरसंभव कदम उठाने को तैयार हैं।

एमएसपी खत्म करने की आशंका जताने वालों पर तीखा तंज करते हुए तोमर ने कहा, ‘मैंने संसद में भी कहा था कि एमएसपी है और रहेगी। एमएसपी के सहारे उत्पादन व उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिल रही है। सरकारी एजेंसियां आगे बढ़कर ज्यादा से ज्यादा खरीद भी कर रही हैं।’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए तोमर ने कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में डीएपी खाद के मूल्य बढ़े तो घरेलू किसानों की चिंताओं का निराकरण किया गया। डीएपी के मूल्य में कोई बढ़ोतरी न करने के लिए सरकार 15 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी देगी।

About the author

आदित्य सिंह

दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास का छात्र। खासतौर पर इतिहास, साहित्य और राजनीति में रुचि।

Add Comment

Click here to post a comment

फेसबुक पर दा इंडियन वायर से जुड़िये!

Want to work with us? Looking to share some feedback or suggestion? Have a business opportunity to discuss?

You can reach out to us at [email protected]