कर्नाटक चुनावों में पीएम मोदी ने किसानों को लुभाने का किया प्रयास

मोदी

कर्नाटक में कांग्रेस को सत्ता से बेदखल करने के लिए बीजेपी लगातार ताबड़तोड़ रैलियां कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह सहित कई केन्द्रीय मंत्री हरसंभव कोशिश कर रहे है कि वो कांग्रेस को राज्य में हराकर सत्ता हासिल कर सके। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कर्नाटक चुनाव से पहले राज्य के 7 मिलियन से अधिक किसानों को लुभाने का भरपूर प्रयास किया।

किसानों की रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अगर आप भारत की किस्मत को बदलना चाहते है, तो किसानों की किस्मत को बदलना चाहिए।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कर्नाटक राज्य मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बीएस येदियुरप्पा के 75 वें जन्मदिन का जश्न मनाने के लिए आयोजित बेंगलूरू से लगभग 260 किलोमीटर दूर देवनगेरे में पीएम मोदी ने किसानों की रैली को संबोधित किया।

मोदी ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को बढ़ाने का आश्वासन दिया और साल 2022 तक किसानों की आमदनी को दोगुना करने का वादा किया। साथ ही केन्द्र सरकार के फसल बीमा प्रयासों का उल्लेख किया। बीजेपी राज्य के नाराज किसानों को अपनी तरफ लाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।

बीजेपी ने साल 2011 में अलग कृषि बजट पेश करने वाले पहले मुख्यमंत्री के रूप में येदियुरप्पा के प्रयास को बताया। बीजेपी और कांग्रेस दोनों के राष्ट्रीय नेताओं ने अपनी मौजूदगी बढ़ाकर चुनावी सरगर्मियां कर्नाटक में बढ़ा दी है, साथ ही इस साल के चुनावों से पहले समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है। भाजपा ने दावा किया है कि साल 2013 से कर्नाटक में 3500 से अधिक किसानों ने आत्महत्या की है।

बीजेपी के “मुस्ति धान्य अभियान” के तहत पार्टी कार्यकर्ता हर घर के दरवाजे जाकर अनाज इकट्ठा करेंगे और किसानों के कल्याण के लिए काम करने के प्रति वचन देंगे।

येदियुरपपा और बीजेपी पार्टी के नेता राज्य में लिंगायत का समर्थन लेने के बाद अब किसानों, महिलाओं और पिछड़ी वर्गों सहित समाज के अन्य वर्गों को समेकित करने की कोशिश कर रहे है। केन्द्र में मोदी सरकार की उपलब्धियों को उजागर करके भाजपा राज्य में अपनी पार्टी की सरकार बनाने का दावा कर रही है।

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