करतारपुर पर भारत-पाकिस्तान की बैठक हुई शुरू

भारत और पाकिस्तान

भारत और पाकिस्तान के अधिकारीयों के बीच करतारपुर मसौदे को अंतिम रूप देने के लिए बैठक शुरू हो चुकी है। गुरूवार को यह मुलाकात अट्टारी-वाघा बॉर्डर पर भारत के इलाके पर होगी। अधिकारीयों के बीच पहली मुलाकात में करतारपुर गलियारे के बाबत चर्चा की जाएगी।

पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान सम्बन्ध में तनाव का स्तर काफी बढ़ा हुआ है और इसके बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के बालाकोट में हवाई हमला भी किया था। इस बैठक में भारत सिख श्रद्धलुओं की परेशानी मुक्त यात्रा की बात उठा सकता है। साथ ही भारत ने इस्लामाबाद को हिदायत दी है कि भारतीय सिख श्रृद्धालुओं को खालिस्तानी समर्थकों से दूर रखा जाये।

सूत्रों के मुताबिक “इस बैठक में विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय, पंजाब सरकार, नेशनल हाईवे अथॉरिटी, रोड ट्रांसपोर्ट एंड बॉर्डर सिक्योरिटी इस बैठक में शरीक होंगे। भारतीय दल का नेतृत्व गृह मंत्रालय के जॉइंट सेक्रेटरी अनिल मलिक, अफगानिस्तान, ईरान और पीओके में भारत के जॉइंट सेक्रेटरी दीपक मित्तल करेंगे।”

भारत ने 24 नवंबर को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने लाहौर से 124 किलोमीटर दूर नरोवाल में इस गलियारे की नींव रखी थी। करतारपुर पाकिस्तान के पंजाब प्रान्त में आता है और नरोवाल जिले में पड़ता है। भारत सरकार ने इस निर्णय को 22 नवम्बर 2018 को लिया था, क्योंकि यह प्रस्ताव लम्बे समय से अटका हुआ था। भारत सरकार ने आज पाकिस्तान के साथ अंतर्राष्ट्रीय सीमा के साथ ही करतारपुर गलियारे का आंकड़े साझा किये हैं।

इस गलियारे के माध्यम से भारत के सिख श्रद्धालु पाकिस्तान में स्थित पवित्र स्थल के दर्शन कर पाएंगे। नवंबर, 2019 में गुरु नानक देव जी की 550 वीं वर्षगाँठ का आयोजन होगा।

भारत के गृह मंत्रालय ने करतारपुर गलियारे पर यात्रियों के लिए 2160 वर्ग मीटर के भव्य टर्मिनल के निर्माण लिए मंज़ूरी दे दी है। इसकी लागत 190 करोड़ रूपए होगी। इस टर्मिनल में रोजाना 5000 यात्री ठहर सकते हैं। इसमें सिख आस्था का प्रतिक खंडवा भी लगाया जायेगा, जो एकजुटता और मानवता के मूल्यों का प्रतिनिधित्व करेगा।

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here