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    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प

    अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में शुरू हुई ओबामाकेयर योजना को जिला अदालत ने असंवैधानिक करार दिया है। इस योजना को अमेरिका का अफोर्डेबल केयर एक्ट भी कहा जाता है। अमेरिका के जिला अदालत के न्यायाधीश ने हाल ही में परिवर्तित संघीय कर कानून के कारण ओबामा केयर योजना को असंवैधानिक करार दिया है।

    ख़बरों के मुताबिक अमेरिकी जज रीड ओ कोनर ने शुक्रवार को साल 2010 के सभी स्वास्थ्य सम्बंधित कानूनों को निरस्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति विशेष के आदेश पर अब कांग्रेस कर समिति कार्य नहीं कर सकती है। उन्होंने कहा कि कानून के तहत किसी सत्ता पर आसीन किसी व्यक्ति का आदेश असंवैधानिक है।

    विषय-सूचि

    आलोचकों की चुनौती

    कैलोफोर्निया की अटॉर्नी जनरल जेवियेर बेसेरा की प्रवक्ता ने कहा कि इस कानून के बचाव के लिए डेमोक्रेट अमेरिकी शासन पर नियुक्त सरकार को अदालत में चुनौती देने के लिए तत्पर है। जेवियेर बेसेरा मुक़दमे की आलोचना करने वाले राज्यों का प्रतिनिधित्व करती हैं।

    अमेरिका के कानूनी जानकारों के मुताबिक कानून अभी मान्य होगा, लेकिन इस पर अमान्यता की लटकी तलवार ने अमेरिकी नागरिकों के स्वास्थ्य बीमा के भविष्य को अधर में लाकर खड़ा कर दिया है।

    सरकार ने की सराहना

    व्हाइट हाउस ने संघात्मक जज के इस निर्णय की सरहना करते हुए कहा कि अगली अदालती अपील तक यह कानून मान्य होगा। डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्वीट कर कहा कि कांग्रेस को एक नया कानून लाकर पारित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जैसे मैं निरंतर कहता आया हूँ, वैसे ही अदालत ने भी ओबामाकेयर योजना को असंवैधानिक करार दिया है।

    भारत के लिए फायदेमंद ओबामाकेयर

    भारत ने इस योजना को भारत हितैषी कहा था और कहा कि यह योजना भारत में रोजगार और व्यापार के नए अवसर लेकर आएगी। डोनाल्ड ट्रम्प ने मई 2017 में इस योजना को रद्द कर एक नई स्वास्थ्य बीमा योजना प्रस्तावित की थी। उन्होंने प्रतिनिधि सभा में पर्याप्त मत पाकर इसके लिए समर्थन भी जुटा लिया था।

    ओबामाकेयर की तर्ज पर भारत में भी आयुष्मान भारत योजना यानी मोदीकेयर की शुरुआत की गयी थी।

    By कविता

    कविता ने राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। वर्तमान में कविता द इंडियन वायर के लिए विदेशी मुद्दों से सम्बंधित लेख लिखती हैं।

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