Fri. May 24th, 2024
    ftp in hindi

    विषय-सूचि

    एफटीपी की फुल फॉर्म (ftp full form in hindi)

    एफटीपी की फुल फॉर्म होती है, फाइल ट्रांसफर प्रोटोकॉल (ftp – file transfer protocol).

    एफटीपी क्या है (what is ftp in hindi)

    परिभाषा – एफटीपी एक तरह का नेटवर्क प्रोटोकॉल है जो की फ़ाइलों को इधर से उधर भेजने के काम में आता है। अगर हमें फ़ाइल को एक कम्प्युटर से दूसरे कम्प्युटर में भेजना है तो इसमे हम इंटरनेट का भी इस्तेमाल करते हैं।

    एफटीपी की मदद से हम अपने डाटा को शेयर करते हैं और ऑफिसों में भी इसका काफी इस्तेमाल होता है। एफ़टीपी इस तरह से फ़ाइलों को शेयर करने की पहली तकनीकी थी।

    एफटीपी का अतीत (history of ftp in hindi)

    • एफ़टीपी चार दशकों से इस दुनिया में है।
    • पहला एफ़टीपी 1971 में अभय भूषण के द्वारा एमआईटी में निकाला गया था।
    • 1980 में मॉडर्न एफ़टीपी जॉन पोस्टल द्वारा निकाला गया।
    • 1985 में जॉय्स रेनोल्ड्स द्वारा निकाला गया था।
    • 1997 में एफ़टीपीएस प्रोटोकॉल को एफ़टीपी में लागू करके चलाया गया था।

    एफटीपी के फायदे (advantages of ftp in hindi)

    • एफटीपी दिन प्रतिदिन बिज़नेस में फ़ाइलों को भेजने में काम आता है।
    • एफ़टीपी की मदद से कंपनी में काम करने वाले लोग फ़ाइलों को कंपनी की दूसरी शाखा में आसानी से भेज सकते हैं।
    • लोग कंपनी की फ़ाइलों को सुरक्षा से भेजने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं क्योंकि यह फ़ाइलों को भेजने का बड़ा ही सुरक्षित तरीका है।
    • आईटी कंपनीयाँ इसको आपदा के समय फ़ाइलों को भेजने के काम में लेते हैं।
    • वेबमासटर टीम एफ़टीपी को वेब पेज, वेब ऐपलीकेशन फ़ाइल और इमेज आदि को वेब सर्वर पर भेजने का काम करता है।

    एफटीपी का कार्य (working of ftp in hindi)

    एफ़टीपी सर्वर को एक नेटवर्क में फिट किया जाता है और यह फ़ाइल स्टोरेज की जगह को देखता है जिससे की आने वाली फ़ाइलों को वहाँ पर रखा जा सके।

    फिर यह उन सभी फ़ाइलों को हमें उस जगह पर दिखा देता है और इसके बाद हम उसका इस्तेमाल कर सकते हैं। एफ़टीपी में हमे एक आईपी नेटवर्क की भी जरूरत पड़ती है जिससे वह सही से काम कर सके।

    एफटीपी का सिस्टम एक तरह से एजेंट के रूप में काम करता है फ़ाइलों को डाउनलोड और अपलोड करने के लिए।

    एफ़टीपी कुछ दशको पहले एक कमांड लाइन इंटरफ़ेस (CLI) था। यह आज कल के समय में उपयोगी और आसान बनाया गया है। इसको आजकल काफी एप्स की मदद से फ़ाइल शेयर करने के लिए काम में लिया जाता है।

    एफ़टीपी सर्वर मोबाइल, लैपटाप आदि में काफी उपयोग किया जाता है। यह फ़ाइलों को कम समय में पहुँचाने का काम करता है जिससे हम इसका आसानी से इस्तेमाल कर सकें।

    एफटीपी सर्वर (ftp server in hindi)

    एफ़टीपी सर्वर एक्टिव और पैसिव दो तरह के कनैक्शनों को बनाता है। पैसिव कनैक्शन को आईटी के लोग ज्यादा सुरक्षित मानते हैं क्योंकि उसका डाटा कनैक्शन एफ़टीपी क्लाईंट और एफ़टीपी सर्वर से बनता है।

    ज़्यादातर कनैक्शन इंटरनेट की मदद से भी बनाए जाते हैं जिससे की सर्वर सही से चल सके।

    एफटीपी से सम्बंधित यदि आपका कोई सवाल या सुझाव है, तो आप उसे नीचे कमेंट में लिख सकते हैं।

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *