बुधवार, नवम्बर 20, 2019

एफएटीएफ ने पाकिस्तान को ‘डार्क ग्रे लिस्ट’ में डाला

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कविता
कविता ने राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। वर्तमान में कविता द इंडियन वायर के लिए विदेशी मुद्दों से सम्बंधित लेख लिखती हैं।

फाइनेंसियल एक्शन टास्क फाॅर्स आतंकवाद वित्तपोषण पर पाकिस्तान की अपर्याप्त परफॉरमेंस पर इस्लामाबाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा। सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान 27 में से सिर्फ छह बिन्दुओं पर ही कार्य कर सका है। पाकिस्तान को डार्क ग्रे फेरहिस्त में डाला जा सकता है।

सूत्रों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय निगरानीकर्ता समूह 18 अक्टूबर को पाकिस्तान पर अपना अंतिम निर्णय सुनाएगा। पर्याप्त कार्रवाई न करने के कारण शायद एफएटीएफ के सभी सदस्यों द्वारा पाकिस्तान को अलग थलग कर दिया जायेगा। बीते वर्ष जून में पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में डाला गया था और 27 बिन्दुओं के एक्शन प्लान को को पूरी तरह अमल में लाने के लिए 15 महीनो का वक्त दिया था।

यह संस्था गैर सरकारी संस्थाओं और प्रतिबंधित आतंकी समूहों द्वारा धनाशोधन और आतंकी वित्तपोषण पर बैंकिंग और गैर बैंकिंग के जरिये लेनदेन पर निगरानी रखता है।

एफएटीएफ के नियमो के मुताबिक, ग्रे और ब्लैक के बीच एक स्टेज होती है जिसे डार्क ग्रे कहते हैं। इसका मतलब सम्बंधित मुल्क को एक सख्त चेतावनी देना होता है ताकि उस मुल्क को सुधार करने कला एक आखिरी मौका दिया जा सके।

डार्क ग्रे लिस्ट में तीसरे चरण की चेतावनी दी जाती है और चौथे चरण में आखिरी चेतावनी दी जताई है। पाकिस्तान  एफएटीएफ के निर्णय को अपनी तरफ झुकाने के लिए कुछ देशो को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रहा था। एफएटीएफ की अध्यक्षता इस वर्ष पाकिस्तान के सदाबहार दोस्त चीन के पास है।

शिया पसिफ़िक समूह के मुताबिक पाकिस्तान एक्शन प्लान के मानको पर खरा नहीं उतरा है। 40 में 30 मानदंडो को पाकिस्तान पूरा नहीं कर सका है।

अपने पक्ष में परिणाम के लिए गलत तरीके से एक पक्ष का झुकाव अपनी तरफ कर रहा है। पाकिस्तान के प्रधनामंत्री इमरान खान ने जापान, मलेशिया, न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन और कनाडा के नेताओं से सितम्बर में आयोजित यूएन महासभा के इतर मिले थे।

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