दा इंडियन वायर » समाचार » एक दिन में 2 रेल हादसे : खोखले साबित हो रहे हैं रेलवे सुरक्षा के सभी दावे
समाचार

एक दिन में 2 रेल हादसे : खोखले साबित हो रहे हैं रेलवे सुरक्षा के सभी दावे

पीयूष गोयल के रेल मंत्री बनने के बाद एक दिन में हुई 2 रेल दुर्घटनाएं यह बताती हैं कि भारतीय रेलवे को अभी यात्रा सुरक्षित बनाने के लिए बहुत सुधार की जरुरत है।

सुरक्षा के लिहाज से हाल के कुछ दिन भारतीय रेलवे के लिए अच्छे नहीं गुजरे हैं। पिछले 20 दिनों के भीतर ही देश में 4 रेल हादसे हो चुके हैं और इन हादसों पर रोक लगाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए सारे कदम बेअसर साबित हो रहे हैं। गुरूवार सुबह देश में 2 रेल हादसे हुए। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में शक्तिपुंज एक्सप्रेस के 7 डिब्बे बेपटरी हो गए थे वहीं दिल्ली के शिवाजी ब्रिज के पास रांची राजधानी एक्सप्रेस का इंजन और पॉवर कार पटरी से उतर गए। पीयूष गोयल के रेल मंत्रालय संभालने के बाद यह एक ही दिन में 2 दुर्घटनाएं घटी हैं और यह रेल मंत्रालय के सुरक्षा दावों की पोल खोलती हैं। पूर्व रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने 4 दिन के भीतर हुई 2 रेल दुर्घटनाओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए रेल मंत्री के पद से इस्तीफ़ा दे दिया था।

दिल्ली में बेपटरी हुई राजधानी

रांची से दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस आज सुबह दिल्ली के शिवाजी ब्रिज के पास बेपटरी हो गई। इस दुर्घटना में राजधानी एक्सप्रेस का इंजन और पॉवर कार पटरी से नीचे उतर गए। हालाँकि दुर्घटना में किसी भी यात्री के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। चूँकि यह दुर्घटना दिल्ली के अंदर ही हुई इस वजह से तुरंत मौके पर राहत और बचाव दल का दस्ता पहुँच गया। शिवाजी ब्रिज के पास में ही बस अड्डा और ऑटो की सुविधाएं मौजूद हैं इस वजह से यात्रियों को कोई खास दिक्कत नहीं हुई। यात्री घटना स्थल से ही अपने घरों की ओर रवाना हो गए। ट्रेन के पटरी से उतरने की वजह से मेन लाइन पर ट्रेनों का आवागमन प्रभावित हुआ है। इस वजह से दर्जनभर ट्रेनों के विलम्ब से चलने की संभावना है।

सोनभद्र में पटरी से उतरे शक्तिपुंज एक्सप्रेस के 7 डिब्बे

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में हावड़ा से जबलपुर जा रही शक्तिपुंज एक्सप्रेस के 7 डिब्बे पटरी से उतर गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ओबरा थाना क्षेत्र के फफराकुण्ड इलाके में आज तड़के 6:15 पर ट्रेन संख्या 11448 अप हावड़ा-जबलपुर शक्तिपुंज एक्सप्रेस के 7 डिब्बे तेज आवाज के साथ पटरी से उतर गए। इस ट्रेन में कुल 21 डिब्बे थे। घटना के बाद यात्रियों को बाकी डिब्बों में बैठाकर सिंगरौली भेजा गया। घटना की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि घटनास्थल पर कई जगह पटरी छोटे-छोटे टुकड़ों में टूट गई थी। इस दुर्घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

पीयूष गोयल के रेल मंत्री बनने के बाद एक दिन में हुई 2 रेल दुर्घटनाएं यह बताती हैं कि भारतीय रेलवे को अभी यात्रा सुरक्षित बनाने के लिए बहुत सुधार की जरुरत है। रेल मंत्रालय को रेलवे के आधुनिकीकरण पर जोर देना होगा और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखकर चलना होगा। देश के कई हिस्सों में आज भी दशकों पुरानी रेल पटरियां हैं जिन्हें बदलने की सख्त जरुरत है।

About the author

हिमांशु पांडेय

हिमांशु पाण्डेय दा इंडियन वायर के हिंदी संस्करण पर राजनीति संपादक की भूमिका में कार्यरत है। भारत की राजनीति के केंद्र बिंदु माने जाने वाले उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु भारत की राजनीतिक उठापटक से पूर्णतया वाकिफ है।

मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक करने के बाद, राजनीति और लेखन में उनके रुझान ने उन्हें पत्रकारिता की तरफ आकर्षित किया। हिमांशु दा इंडियन वायर के माध्यम से ताजातरीन राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर अपने विचारों को आम जन तक पहुंचाते हैं।

फेसबुक पर दा इंडियन वायर से जुड़िये!