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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज करेंगे एकेडमिक क्रेडिट बैंक शुरू

गुरुवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) की पहली वर्षगांठ पर केंद्र सरकार ने नीति में किये गए वादे के कुछ पहलुओं को आधिकारिक तौर पर शुरू करने की योजना बनाई है, जैसे कि क्रेडिट ट्रांसफर सिस्टम जो उच्च शिक्षा में कई प्रवेश और निकास विकल्पों की अनुमति देगा। साथ ही साथ क्षेत्रीय भाषाओं में इंजीनियरिंग कार्यक्रम की शुरुआत की जायेगी। हालांकि, भारत के उच्च शिक्षा आयोग (एचईसीआई), चार साल की स्नातक डिग्री और सामान्य विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा जैसे अन्य सुधार अभी तक तैयार नहीं हैं।

शिक्षा मंत्रालय के एक बयान के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को एक वीडियो-कॉन्फ्रेंस कार्यक्रम में नीति निर्माताओं के साथ-साथ छात्रों और शिक्षकों को भी संबोधित करेंगे। उनके द्वारा घोषित की जाने वाली पहलों से नीति के कार्यान्वयन पर सरकार के रिपोर्ट कार्ड में सुधार होगा जिसे कोविड-19 व्यवधानों ने धीमा कर दिया था।

अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट की शुरुआत

मौजूदा शैक्षणिक वर्ष 2021-22 से 290 से अधिक शीर्ष संस्थानों में छात्रों के लिए गुरुवार को अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट शुरू किया जाएगा। राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग ढांचे के शीर्ष 100 स्थान पर रहने वाले सभी संस्थानों के साथ-साथ राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद के तहत ए ग्रेड हासिल करने वाले सभी संस्थानों को क्रेडिट ट्रांसफर सिस्टम में भाग लेने की अनुमति दी जाएगी। शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इसके साथ ही यह कई छात्रों को प्रवेश और निकास विकल्पों की भी अनुमति देगा। हालांकि, चार साल की स्नातक डिग्री के प्रस्ताव का कुछ विरोध हुआ है (विशेष रूप से दिल्ली के प्रमुख विश्वविद्यालय में संकाय से) और राष्ट्रीय उच्च शिक्षा पाठ्यचर्या की रूपरेखा के लिए भी इंतजार करना होगा। उन्होंने कहा राष्ट्रीय उच्च शिक्षा पाठ्यचर्या को अभी भी तैयार किया जा रहा है।

विषयों का मिश्रण

गुरुवार को जारी किए जाने वाले दिशा-निर्देशों के साथ बहु-विषयकता को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। संस्थानों के विलय की अनुमति देने के साथ-साथ छात्रों को इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त करते समय सामाजिक विज्ञान, संगीत और खेल जैसे विषयों को लेने का विकल्प देने के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किये जाएंगे।

हालांकि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जैसे प्रमुख संस्थानों ने भारतीय भाषाओं में पाठ्यक्रम शुरू करने के विचार पर रोक लगा दी है। इसके साथ प्रधान मंत्री मोदी लगभग 14 छोटे संस्थानों में क्षेत्रीय भाषाओं में इंजीनियरिंग डिग्री शुरू करने की घोषणा करेंगे। वह राष्ट्रीय डिजिटल शिक्षा वास्तुकला और राष्ट्रीय शिक्षा प्रौद्योगिकी मंच की स्थापना की भी घोषणा करेंगे।

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आदित्य सिंह

दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास का छात्र। खासतौर पर इतिहास, साहित्य और राजनीति में रुचि।

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