दा इंडियन वायर » राजनीति » उत्तर प्रदेश में कांग्रेस सपा एवं बसपा एक साथ, भाजपा की बढ़ी मुश्किलें
राजनीति

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस सपा एवं बसपा एक साथ, भाजपा की बढ़ी मुश्किलें

उत्तर प्रदेश सपा बसपा

इन दिनों कांग्रेस आने वाले चुनावो को लेकर काफी सक्रिय दिख रही है।

साल 2014 की हार से सबक लेते हुए कांग्रेस ने अब की बार भारतीय जनता पार्टी को कड़ा मुकाबला देने की ठानी है।

इसी को लेकर पार्टी अध्यक्ष राहुल गाँधी इन दिनों काफी आक्रामक तेवरों में नज़र आ रहे है। हाल ही में अविश्वास प्रस्ताव में भी वह एक मज़बूत विपक्षी नेता के रूप में उभर कर सामने आए।

2019 चुनावो को लेकर कांग्रेस ने सारी ज़िम्मेदारी अब राहुल गाँधी को दे दी है। इसी को लेकर राहुल गाँधी आज कल गैर भाजपा दलों से मिल रहे है। उनकी मुलाकात से महागठबंधन के सुर रह रह कर उठ रहे है।

जैसा कि राजनैतिक जुमले कहते है कि दिल्ली का रास्ता उत्तर प्रदेश से होते हुए जाता है। इसी को लेकर राहुल गाँधी इन दिनों समाजवादी पार्टी एवं बहुजन समाज पार्टी को लेकर बिहार की तर्ज पर वहां भी महागठबंधन का निर्माण कर रहे है।

राज्य में भारतीय जनता पार्टी का रास्ता रोकने के लिए कांग्रेस ने सपा एवं बसपा से सलाह मशवरा किया है। बसपा, सपा, कांग्रेस व रालोद मिल कर हर सीट पर संयुक्त प्रत्याशी देंगे।

लोकसभा चुनाव में भाजपा को इसके जरिए तगड़ी चुनौती मिल सकती है। परन्तु कौन दल कितनी सीटों पर लड़ेगा इस बात पर अभी विचार करना रहता है।

परन्तु ऐसे क़यास लग रहे है कि बसपा 40 के आस पास सीटें चाहती है और बाकी सीटें सपा, कांग्रेस, रालोद को देने को तैयार है।

मतलब यह की बसपा को सबसे ज़्यादा सीटें मिलेंगी और सपा को अपनी 40 सीटों में से कांग्रेस और रालोद को अपने खाते में से सीटें देनी होंगी।

अब देखना यह दिलचस्प होगा की उत्तर प्रदेश की जनता आगामी चुनावो में किस का साथ देती है। भारतीय जनता पार्टी के सामने अब कांग्रेस पूरी सशक्त हो कर चुनाव की तैयारियों में लग गई है।

About the author

गौतम व्यास

Add Comment

Click here to post a comment

फेसबुक पर दा इंडियन वायर से जुड़िये!

Want to work with us? Looking to share some feedback or suggestion? Have a business opportunity to discuss?

You can reach out to us at [email protected]