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    डोनाल्ड ट्रम्प और किम जोंग उन उत्तर कोरिया

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कल संयुक्त राष्ट्र की सालाना बैठक में भाषण देते हुए उत्तर कोरिया को पूरी तरह से नष्ट करने की बात कही।

    दरअसल अमेरिका और इसके साथी देश पिछले काफी समय से उत्तर कोरिया की बढ़ती परमाणु शक्ति से चिंतित हैं। ऐसे में ट्रम्प ने कई बार अपने भाषणों में या ट्विटर पर उत्तर कोरिया को युद्ध की धमकियाँ दी हैं। इस मसले को विश्व के सामने लाने के लिए ट्रम्प को संयुक्त राष्ट्र का मंच उपयुक्त लगा और उन्होंने उत्तर कोरिया और इसके तानाशाह किम जोंग उन पर जमकर हमला बोला।

    ट्रम्प ने उत्तर कोरिया की तरफ इशारा करते हुए कहा कि विश्व में कई ऐसे वंश हैं, जो आये दिन विश्वभर में हिंसा फ़ैलाने की बात करते हैं। ये देश अपने देशवासियों का तो जीवन तबाह कर ही रहे हैं, साथ ही विश्व की शांति और एकता में भी विघ्न डाल रहे हैं।

    ट्रम्प ने कहा कि अगर उत्तर कोरिया ने अपने आप को जल्द ही परमाणु रहित नहीं किया, तो उसे पास पुरे उत्तर कोरिया को नष्ट करने के अलावा कोई चारा नहीं रह जाएगा। किम जोंग उन को ट्रम्प ने कहा कि ‘रॉकेट मैन’ आत्महत्या करने की राह पर चल रहा है।

    साफ़ है उत्तर कोरिया द्वारा लगातार परमाणु परीक्षणों से कई देश भयभीत है। दक्षिण कोरिया और जापान को इससे सबसे ज्यादा खतरा है। हालाँकि अमेरिका को इससे सीधा खतरा नहीं है, लेकिन जापान और दक्षिण कोरिया अमेरिका के साथी हैं। ऐसे में भले ही इन दो देशों को उत्तर कोरिया से खतरा हो, लेकिन यहाँ असली मुक़ाबला अमेरिका और उत्तर कोरिया में है।

    अपने भाषण में ट्रम्प ने चीन पर भी तंज कस्ते हुए कहा कि कुछ देश अभी भी ऐसे हैं, जो उत्तर कोरिया के साथ व्यापार कर रहे हैं। ट्रम्प ने कुछ दिन पहले कहा था कि अमेरिका उन सभी देशों से रिश्ते तोड़ लेगा, जो उत्तर कोरिया से सम्बन्ध रखेगा।

    हालाँकि बाद में ट्रम्प ने चीन और रूस की तारीफ़ करते हुए कहा कि दोनों देशों ने उत्तर कोरिया के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का समर्थन किया और वे इसके लिए आभारी हैं।

    ट्रम्प के उत्तर कोरिया पर दिए इस भाषण का जहाँ कई लोगों ने समर्थन किया है, वहीँ एक बड़े वर्ग के लोग इसे उचित नहीं मान रहे हैं। लोगों का कहना है कि ट्रम्प को अपनी निजी लड़ाई इस तरह 193 देशों के सामने नहीं रखनी चाहिए थी। कुछ लोगों का कहना है कि ट्रम्प ने संयुक्त राष्ट्र को सम्बोधित करने के बजाय अमेरिका के लोगों को सम्बोधित किया है।

    अमेरिका पहले

    अपने भाषण में ट्रम्प ने कई मर्तबा अमेरिका का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति होने के दर्जे से उनके लिए अमेरिका हमेशा सबसे पहले रहेगा। इसके बावजूद यदि किसी देश ने उनके या उनके साथी देशों पर हमला करने की सोची, तो वे चुप नहीं बैठेंगे।

    ख़बरों के मुताबिक ट्रम्प के इस भाषण के दौरान उत्तर कोरिया के प्रतिनिधि भी उन्ही के समीप बैठे थे। उनके सामने ट्रम्प ने उत्तर कोरिया पर जमकर हमला बोला। हालाँकि उत्तर कोरिया के एक वरिष्ठ प्रतिनिधि ने ट्रम्प के भाषण से पहले वह कमरा छोड़कर बहार चले गए थे। खबर है कि वे जान बूझकर ट्रम्प के भाषण में शामिल नहीं हुए।

    डोनाल्ड ट्रम्प के इस भाषण के बाद उत्तर कोरिया की प्रतिक्रिया देखने लायक होगी। एक बात तो साफ़ है कि दोनों देश के बीच विवाद जल्द सुलझने वाला नहीं है। दोनों देश यदि शान्ति से बैठकर इसका हल निकालते हैं, तभी यह विवाद सुलझ सकता है।

    By पंकज सिंह चौहान

    पंकज दा इंडियन वायर के मुख्य संपादक हैं। वे राजनीति, व्यापार समेत कई क्षेत्रों के बारे में लिखते हैं।