मंगलवार, नवम्बर 19, 2019

परमाणु फ्रीज़ के बदले उत्तर कोरिया को प्रतिबंधो से आंशिक राहत दे सकता है अमेरिका

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कविता
कविता ने राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। वर्तमान में कविता द इंडियन वायर के लिए विदेशी मुद्दों से सम्बंधित लेख लिखती हैं।

उत्तर कोरिया के सिर से आंशिक प्रतिबंधों के भार को अमेरिका कम करने पर विचार कर रहा है लेकिन इसके बदले पियोंग्यंग को परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगानी होगी। उत्तर कोरिया को यह राहत 12 से 18 महीने के लिए के लिए दी जा सकती है। व्हाइट हाउस के एक सूत्र ने गुरूवार को इसका खुलासा किया था।

उत्तर कोरिया-अमेरिका प्रतिबन्ध

अगर यह योजना आगे बढती है तो हम देखेंगे कि उत्तर कोरिया की टेक्सटाइल और कोयले से प्रतिबन्ध हट जायेंगे। यह उत्तर कोरिया के आय का प्रमुख स्त्रोत है और इससे परमाणु निरस्त्रीकरण वार्ता वापस पटरी पर आ सकती है। फ़रवरी में हनोई में आयोजित वार्ता के बाद दोनों देशों के बीच बातचीत का सिलसिला थम गया था।

सूत्र ने योन्हाप न्यूज़ एजेंसी से कहा कि “कार्यकारी स्तर की वार्ता के शुरू होते ही व्हाइट हाउस शर्तो को सेट करना चाहता है। यह उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण की प्रक्रिया की शुरुआत कर सकते है। अगर परमाणु निरस्त्रीकरण अच्छी रफ़्तार से आगे बढ़ता है तो प्रतिबंधों से निजात में मजीद राहत दी जा सकती है।”

सूत्र ने चेतावनी दी कि अगर पियोंगयांग इस प्रतिबद्धता को नहीं निभाता तो दोबारा प्रतिबंधों को थोपा जा सकता है। यह कदम महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उत्तर कोरिया और अमेरिका के भरोसे और विश्वास को बढ़ाएगा।

सूत्र ने चेतावनी दी कि नष्ट योंगब्योन परमाणु केंद्र का निरिक्षण और जांच मुश्किल भरी हो सकती है। इससे सम्बंधित गहराई में एक समझौते की जरुरत है। 1950-53 के कोरियाई युद्ध को खत्म करने के लिए अमेरिका एक समझौते पर दस्तखत करने पर विचार कर रहा है।

उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया अभी तकनीकी तौर पर युद्ध में हैं क्योंकि इसका अंत समझौते से हुआ था न कि शान्ति संधि से हुआ था। उन्होंने कहा कि “वार्ता का पहला लक्ष्य उत्तर कोरिया को साबित करना है कि वे अमेरिका पर यकीन कर सकते हैं और वांशिगटन कुछ ऐतिहासिक करना चाहता है।

वियतनाम में सम्मेलन के बाद अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच बातचीत ठप पड़ गयी थी। इस दौरान कोई संयुक्त बयान जारी नहीं किया गया था। दोनों पक्ष प्रतिबंधों से निजात के मतभेदों को खत्म करने में असफल साबित हुए थे। इसके बाद पियोंगयांग ने कई मिसाइलो का परिक्षण किया था।

उत्तर कोरिया ने निरंतर कहा है कि प्रतिबंधों से आज़ादी उनकी आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी लेकिन अमेरिका के मुताबिक, जब तक पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण नहीं हो जाता प्रतिबंधों से  निजात नहीं दी जा सकती है।

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