उत्तराखंड : देहरादून में दिल्ली की तर्ज पर बनेगा राजपथ

देहरादून, 10 जुलाई (आईएएनएस)| उत्तराखंड के देहरादून में दिल्ली की तर्ज पर राजपथ बनाए जाने की कवायद चल रही है। इसे स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अर्न्तगत चयनित किया गया है। यह शहर के परेड ग्राउंड और गांधी पार्क को आपस में जोड़कर तैयार किया जाएगा। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के सहायक मुख्य कार्यकारी अधिकारी और एमडीडीए उपाध्यक्ष डा़ आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि बोर्ड से यह प्रोजेक्ट पास हो गया है। अब इसे शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू हो जाएगा।

उन्होंने बताया कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत इस प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार कर ली गई है, जिसे बोर्ड में स्वीकृत कर लिया गया है। प्रोजेक्ट की लागत 23़63 करोड़ रुपये होगी। परेड ग्राउंड के एक भाग में खेल विभाग का कार्यालय है जबकि उसके बगल में इंडोर स्टेडियम का निर्माण हो रहा है।

स्मार्ट सिटी से जुड़े एक अन्य अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि इसका पूरा मानचित्र तैयार कर लिया गया है। यह बिल्कुल राजपथ जैसा दिखेगा। इसके लिए गांधी पार्क और परेड ग्राउंड को बांटने वाली सड़क बंद कर दी जाएगी। अगले एक साल में यहां बड़ा बदलाव नजर आएगा। परेड ग्राउंड के बीचों बीच बने वीआईपी स्टेज को उत्तरी छोर पर वृहद और भव्य रूप दिया जाना है।

उन्होंने बताया कि यह स्वतंत्रता दिवस या गणतंत्र दिवस पर अतिथियों के लिए होगा और परेड ग्राउंड के चारों ओर सड़क पर परेड होगी। परेड वीआईपी स्टेज के सामने (दून क्लब की ओर) आकर सलामी देगी। जो भाग खाली बचा हुआ है, उसमें स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत ग्राउंड का विकास किया जा रहा है। ग्राउंड के एक भाग में दुकानों का निर्माण किया जायेगा। ग्राउंड में स्मार्ट टायलेट के साथ ही वाटर एटीएम भी लगाए जाने हैं।

इसमें मुख्य तौर पर गांधी पार्क तथा परेड ग्राउंड के बीच में जो सुभाष रोड है, उसे वाहनों के लिए बंद कर दिया जाएगा और गांधी पार्क को परेड ग्राउंड से जोड़ दिया जायेगा। वाहनों के लिए बंद कर दी गई सुभाष रोड पर पैदल चलने का ट्रैक और अन्य साज सज्जा के काम होंगे। इसके साथ ही परेड ग्राउंड को हरे भरे मैदान के रूप में विकसित करने के साथ ही इसमें साइकिल ट्रैक का निर्माण किया जाना है। इसके दोनों ओर बैठने के लिए बेंच और स्टैंड पोस्ट लगाए जाएंगे।

धर्मपुर विधायक विनोद चमोली ने बताया, “मेरे नगर निगम में मेयर के कार्यकाल के दौरान सबसे पहले 2008 में इसका पूरा प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था। अब स्मार्ट सिटी के तहत इसके होने की उम्मीद है।”

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