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    अमेरिका में नियुक्त चीनी राजदूत

    अमेरिका में स्थित चीनी दूतावास के राजदूत ने कहा कि चीन के शिनजियांग प्रांत में कथित मानवाधिकार उल्लंघन के कारण, अमेरिका यदि चीनी अधिकारयों पर लगाये प्रतिबंधों को नहीं हटाता तो चीन भी इसका प्रतिकार करेगा। उन्होंने कहा कि इस इलाके में बीजिंग पोलिवे आतंकियों को दोबारा शिक्षित करने में जुटी है।

    चीनी राजदूत क्युई तिंकई ने अमेरिका में दिए एक इंटरव्यू में कहा कि अंतर्राष्ट्रीय आंतंकवाद से लड़ने में चीन दोगुनी मेहनत कर रहा है। उन्होंने चीनी सैनिकों का शिनजियांग में तुलना अमेरिकी सैनिकों की इराक और सीरिया में तैनाती से किया है।

    चीनी राजदूत ने कहा कि क्या आप सोच सकते हैं कि आइएसआइएस से लड़ने वाले कई अमेरिकी सैनिकों पर प्रतिबन्ध लगाये जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर ऐसे कदम उठाये जायेंगे तो चीन भी प्रतिकार लेगा। चीन शिनजियांग प्रांत में अल्पसंख्यक उइगर मुस्लिमों को शिविरों में जबरन नज़रबंद रखने के कारण अंतर्राष्ट्रीय समुदाय, कार्यकर्ताओं, शिक्षकों और यूएन मानवाधिकार की आलोचनायें झेल रहा है।

    बीते अगस्त में यूएन मानव अधिकार परिषद् ने कहा था कि चीन में लाखों उइगर मुस्लिम अल्पसंख्यकों को नज़रबंद रखने की रिपोर्ट मिली थी। अमरीकी अधिकारियों ने कहा कि शिनजियांग में मुस्लिम अल्पसंख्यकों के शोषण में शामिल कंपनियों और अधिकारियों पर प्रतिबन्ध लगाने के बाबत कार्य किया जा रहा है।

    चीनी राजदूत ने कहा कि अमेरिका आतंकवादियों को मारने के लिए ड्रोन और मिसाइल का इस्तेमाल करता है। लेकिन चीन आतंकियों को दोबारा शिक्षित करने की कोशिश कर रहा  है ताकि वे एक समय्न्य व्यक्ति बनकर दोबारा अपनी जिंदगी में वापस लौट सके। उन्होंने कहा कि हम देखेंगे क्या होगा, हम सभी का प्रतिकार करेंगे।

    अमेरिका चीनी अधिकारियों पर ग्लोबल मग्निटस्काई एक्ट के तहत लगाएगा। यह अमेरिकी कानून है जिसके तहत वश्व में मानव अधिकार का उल्लंघन करने वालों पर प्रतिबन्ध लगाये जाते हैं। चीनी विभाग निरंतर शिनजियांग में मानवाधिकार के उल्लंघन की बात को नकारता रहा है। चीन के मुताबिक वह इस प्रांत में आतंकवादी गतिविधियों पर रोक लगाना चाहता है।

    उइगर मुस्लिम मिह्रिगुल तुर्सुन ने कहा कि शिनजियांग की नज़रबंद शिविरों में बीताये 10 माह में उन्हें बुरी तरह शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना दी गयी थी। उन्होंने कहा कि शिविर में उनसे उनके तीन बच्चों को अलग कर दिया था और सरकार की कस्टडी में उनके चार माह के बच्चे की मौत हो गयी थी।

    तुर्सुन ने कहा कि तान माह में नौ महिलाओं की मौत की वह गवाह है। बीमारी के मक्त भी उन्हें इलाज मुहैया करने से इनकार कर दिया जाता है। यूएन के मानवाधिकार प्रमुख ने चीन को शिनजियांग के हालात का जायजा लेने की अनुमति देने की बात की है। बीजिंग ने कहा कि चीन की संप्रभुता का सम्मान करें।

    By कविता

    कविता ने राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। वर्तमान में कविता द इंडियन वायर के लिए विदेशी मुद्दों से सम्बंधित लेख लिखती हैं।

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