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    जर्मनी

    जर्मनी के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को बयान में कहा कि “पर्शियन गल्फ में ईरान की आक्रमकता को को खत्म करने के लिए अमेरिका के सैन्य मिशन में शामिल होने के प्रस्ताव को जर्मनी ने ख़ारिज कर दिया है।” अमेरिया और ईरान के बीच गतिरोध बढ़ता जा रहा है।

    अमेरिका की नयी रणनीति

    मंत्रालय ने बयान में कहा कि “अमेरिका ने हाल ही में अपने सहयोगियों के साथ पर्शियन गल्फ में नौसैन्य अभियान के विचार को रखा था और उन सहयोगियों से इसमें शामिल होने का आग्रह किया था। सरकार ने इस प्रस्ताव पर ध्यान दिया था लेकिन कोई वादा नहीं किया था।”

    मंत्रालय ने कहा कि “वह हमेशा कूटनीतिक प्रयासों के जरिये तनाव को कम करने को प्राथमिकता देते हैं। हमारी फ्रांस और ब्रिटेन से करीबी गुफ्तगू जारी है ईरान पर अधिकतम दबाव की अमेरिकी रणनीति में हम शामिल नहीं होंगे।”

    बर्लिन में अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता ने मंगलवार को कहा था कि उन्होंने अधिकारिक रूप से जर्मनी, ब्रिटेन और फ्रांस से होर्मुज़ के जलमार्ग को सुरक्षित करने और ईरान की आक्रमकता के खिलाफ लड़ने में मदद करने के लिए कहा था। बीते हफ्ते ऐसा ही एक प्रस्ताव विभिन्न देशों को भेजा गया था।

    अमेरिका के राज्य सचिव माइक पोम्पियो ने ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण कोरिया और जर्मनी को यह प्रस्ताव दिया था। अमेरिका एक नई निगरानी और ख़ुफ़िया पहल को लांच करने की योजना बना रहा है ताकि होर्मुज़ के जलमार्ग और पर्शियन गल्फ में मुक्त और आज़ादी से जहाजो का संचालन किया जा सके।

    हाल ही में ईरान की सेना ने होर्मुज़ के जलमार्ग से ब्रिटेन के जहाज को जब्त कर लिया था। इससे करीब दो सप्ताह पूर्व ब्रिटेन ने ईरान के तेल टैंकर को जब्त किया था, यह जहाज यूरोपीय प्रतिबंधों का उल्लंघन कर सीरिया को तेल का निर्यात कर रहा था।

    ईरान ने मई में कहा कि “वह परमाणु संधि में तय अपने परमाणु कार्यक्रम की कुछ सीमाओं का उल्लंघन करेंगे और अगर यूरोपीय राष्ट्रों ने इस संधि को बचाने और अमेरिकी प्रतिबंधो को हटाने में मदद नहीं की तो ईरान ने मजीद कार्रवाई की धमकी दी है।”

    By कविता

    कविता ने राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। वर्तमान में कविता द इंडियन वायर के लिए विदेशी मुद्दों से सम्बंधित लेख लिखती हैं।

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