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    हसन रूहानी

    ईरान ने अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन के आरोपों को बुधवार को खारिज किया है। अमेरिकी अधिकारी ने 12 मई को यूएई के तट पर चार जहाजों पर हुए हमले का जिम्मेदार ईरान पर लगाया था। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्बास मौसवी ने बयान में कहा कि “अमेरिका की तरफ से ऐसे हास्यास्पद दावे कोई अजीब नहीं है।”

    मौसवी ने कहा कि “बोल्टन, अन्य जंगबाज और अराजकता चाहने वालो को जानना चाहिए कि इस्लामिक गणराज्य ईरान की रणनीतिक संयमता, अत्याधिक सतर्कता और पूर्ण रक्षात्मकता क्षेत्र में अराजकता की उनकी मंसूबो की पूर्ती को रोक देगा।”

    बोल्टन ने आरोप लगाया कि संयुक्त अरब अमीरात के तट पर चार जहाजों पर ईरान ने आक्रमण किया था। जॉन बोल्टन ने अबू धाबी की यात्रा में ईरान से संभावित खतरे पर चर्चा के लिए यात्रा की थी। उन्होंने कहा कि “वांशिगटन में किसी के दिमाग में कोई संदेह नहीं है कि इस हमले का कोई जिम्मेदार कौन है।”

    अमेरिका की सेना ने खाड़ी में सैनिको की संख्या में ख़ासा इजाफा किया है और सऊदी अरब के इस गतिरोध के बाबत चर्चा के लिए अरब देशों की बैठक का आयोजन किया था। हाल ही में जापान की यात्रा के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि “वह ईरान की सत्ता में कोई परिवर्तन नहीं चाहते हैं और बातचीत के लिए तैयार है।”

    अमेरिका ने यूएई के फ़ुजैराह तट पर एक युद्धपोत और बी-52 बमवर्षक की तैनाती को मंज़ूरी दी है। इसके आलावा पेंटागन ने बीते हफ्ते मध्यपूर्व में एक पेट्रियट मिसाइल डिफेन्स बैटरी और नौसैन्य जहाज को भी तैनात करने की इजाजत दे दी है।

    हसन रूहानी ने बयान में कहा कि “जब भी वह इन कथित प्रतिबंधों को हटा देंगे और अपनी प्रतिबद्धताओं को निभाएंगे और वार्ता की टेबल पर वापस लौटेंगे। दरवाजे बंद नहीं है। लेकिन हमारी जनता आपको आपके शब्दों से नहीं बल्कि आपके कार्यो से जांचेगी।”

    By कविता

    कविता ने राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। वर्तमान में कविता द इंडियन वायर के लिए विदेशी मुद्दों से सम्बंधित लेख लिखती हैं।

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