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    इसरो

    श्रीहरिकोटा (आंध्र प्रदेश), 22 मई (आईएएनएस)| भारत का पोलर सैटेलाइट लांच व्हीकल (पीएसएलवी) रडार इमेजिंग अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट आरआईएसएटी-2बी को लेकर यहां रॉकेट पोर्ट के पहले लांच पैड से बुधवार को प्रक्षेपित हो गया।

    प्रक्षेपण के लगभग 15 मिनट के बाद रॉकेट ‘आरआईएसएटी-2बी’ को यहां से लगभग 555 किलोमीटर दूर कक्षा में स्थापित कर देगा।

    इसरो के अनुसार इसका जीवन पांच साल का है।

    रॉकेट अपने साथ 615 किलोग्राम का ‘आरआईएसएटी-2बी’ ले जाएगा जो आकाश से भारत की खुफिया क्षमताओं को और मजबूत करेगा, वहीं इसरो ने इस संदर्भ में कोई जवाब नहीं दिया।

    भारत की एक अन्य ‘आरआईएसएटी-2बीआर’ नाम के रडार इमेज सैटेलाइट को भी इसी साल लांच करने की योजना है।

    इसरो के अनुसार, ‘आरआईएसएटी-2बी’ का उपयोग कृषि, वन विज्ञान और आपदा प्रबंधन में किया जाएगा।

    गोपनीयता की शर्त पर एक वरिष्ठ अधिकारी ने आईएएनएस से कहा था, “सामरिक क्षेत्रों के लिए उपग्रहों की मांग बढ़ गई है। लगभग छह/सात उपग्रहों को बनाने की योजना है।”

    आरआईएसएटी-2बी के साथ बुधवार को प्रक्षेपित 44.4 मीटर लंबा पीएसएलवी स्ट्रैप-ऑन मोटरों के बिना वाला अकेला वेरिएंट है।

    भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी के पास पीएसएलवी के दो और चार स्ट्रैप-ऑन मोटर्स और बड़े पीएसएलवी-एक्सएल हैं।

    By पंकज सिंह चौहान

    पंकज दा इंडियन वायर के मुख्य संपादक हैं। वे राजनीति, व्यापार समेत कई क्षेत्रों के बारे में लिखते हैं।

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