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    श्रीहरिकोटा (आंध्र प्रदेश), 22 मई (आईएएनएस)| भारत का रडार इमेजिंग भू-अवलोकन उपग्रह आरआईसैट-2बी को बुधवार को सफलतापूर्वक उसकी कक्षा में स्थापित कर दिया गया। यह उपग्रह आरआईसैट श्रंखला का तीसरा उपग्रह है। इससे पहले आरआईसैट-2 और आरआईसैट-1 प्रक्षेपित किए जा चुके हैं।

    बुधवार तड़के दर्शक दीर्घा से लगभग 5,000 लोगों ने पीएसएलवी रॉकेट का प्रक्षेपण देखा।

    देश की अंतरिक्ष एजेंसी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने कहा कि सिंथेटिक अपर्चर रडार (एसएआर) के साथ भारत का नया निगरानी उपग्रह अच्छी व स्पष्ट तस्वीरें भेजेगा, जिनका उपयोग कृषि, वन विभाग और आपदा प्रबंधन में किया जा सकेगा।

    उपग्रह से ली गई तस्वीरों का उपयोग खुफिया निगरानी के लिए भी किया जाएगा, हालांकि इसरो इस मुद्दे पर शांत है।

    इसरो के चेयरमैन के. सिवन ने लांच के बाद कहा, “मैं यह घोषणा करते हुए बहुत खुश हूं कि पीएसएलवी-सी46 ने आरआईसैट-2बी को कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया गया है।”

    उन्होंने कहा कि इस मिशन के साथ उड़ान भरने के साथ ही पीएसएलवी रॉकेट ने अपनी शुरुआत के बाद से 50 टन वजन अपने साथ ले जाने की सीमा पार कर ली है।

    सिवन के अनुसार, पीएसएलवी रॉकेट अबतक कक्षा में 354 उपग्रह स्थापित कर चुका है, जिनमें भारतीय, विदेश और छात्रों के उपग्रह शामिल हैं।

    पीएसएलवी रॉकेट इसरो की वाणिज्यिक शाखा एंट्रिक्स कॉर्पोरेशन के लिए प्रमुख विदेशी मुद्रा का अर्जक है।

    सिवन ने कहा, “रॉकेट में पिगी बैक पेलोड, स्वदेश में विकसित विक्रम कंप्यूटर चिप थे, जो भविष्य के रॉकेट में उपयोग किए जाएंगे।”

    सिवन के अनुसार, प्रमुख मिशन चंद्रयान-2 या दूसरा चंद्र मिशन होगा, जो इसी साल 9-16 जुलाई को हो सकता है। यह छह सितंबर को चंद्रमा पर पहुंच सकता है।

    इसके बाद एक हाई रिजोल्यूशन का काटरेग्राफी सैटेलाइट लांच किया जाएगा और स्माल सैटेलाइट लांच व्हीकल (एसएसएलवी) नामक इसरो का नया रॉकेट भी उड़ान भरेगा।

    इस 44.4 मीटर लंबे और 190 टन वजनी पीएसएलवी रॉकेट ने बुधवार सुबह 5.30 बजे 615 किलोग्राम वजनी उपग्रह आरआईएसएटी-2बी को लेकर आकाश की तरफ उड़ान भरी।

    उड़ान भरने के लगभग 15 मिनट बाद रॉकेट ने आरआईसैट-2बी को 555 किलोमीटर दूर कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया।

    एक वरिष्ठ अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर आईएएनएस से कहा, “सामरिक क्षेत्रों के लिए उपग्रहों की मांग बढ़ गई है। लगभग छह/सात उपग्रहों को बनाने की योजना है।”

    आरआईसैट-2बी के साथ बुधवार को प्रक्षेपित 44.4 मीटर लंबा पीएसएलवी स्ट्रैप-ऑन मोटर विहीन अकेला वेरिएंट है।

    भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी के पास पीएसएलवी के दो और चार स्ट्रैप-ऑन मोटर्स और बड़े पीएसएलवी-एक्सएल हैं।

    By पंकज सिंह चौहान

    पंकज दा इंडियन वायर के मुख्य संपादक हैं। वे राजनीति, व्यापार समेत कई क्षेत्रों के बारे में लिखते हैं।

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