इलाज के नाम पर राजनीति हो रही है: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ

पाकिस्तान के कोट लखपत जेल में भ्रष्टाचार के आरोप में सज़ा भुगत रहे पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ ने बुधवार को अपने परिवार से कहा कि “उन्हें चिकित्सीय जाँच के नाम पर बेहद मुसीबते सहनी पड़ रही है।”

जियो न्यूज़ के मुताबिक नवाज़ शरीफ ने कहा कि “न ही मैंने इलाज के लिए भीख मांगी है और न ही मैं इसके लिए कहूंगा। इलाज के नाम पर यहां सियासत  की चाल चली जा रही है।”

नवाज़ शरीफ की माताजी, भाई शाहबाज़ शरीफ, बेटी मरयम नवाज़ उनसे मिलने के लिए जेल गए थे ताकि उन्हें अस्पताल में भर्ती होने के लिए राज़ी कर सके। जो न्यूज़ के अनुसार नवाज शरीफ ने कहा कि “सरकार ने अभी तक कोई सुविधा मुहैया नहीं की है। मैं सिर्फ मुसीबते झेल रहा हूँ। मैं सम्मानपूर्वक मृत्यु पसंद करूँगा, लेकिन तिरस्कार मुझे अस्वीकृत है। सरकार का अपमानजनक रवैया मुझे स्वीकार नहीं है।”

नवाज़ शरीफ ने अपनी माता जी से कहा कि “अब जो भी अल्लाह की इच्छा होगी, वही होगा।” पूर्व प्रधानमंत्री शाहबाज़ शरीफ ने पुष्टि की कि उनके बड़े भाई की सेहत असंतोषजनक है। वह निरंतर बाजुओं में दर्द से जूझ रहे हैं।”

हाल ही में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ को लाहौर अस्पताल में दिल की बीमारी के लिए शिफ्ट किया गया था। उन्हें कोट लखपत जेल से जिन्नाह अस्पताल ले जाया गया था। डॉक्टर की टीम ने कहा कि “उनकी जांच के नमूनों के नतीजे के बाद, मेडिकल बोर्ड इस नतीजें पर पंहुचा है कि नवाज़ शरीफ को हृदय सम्बंधित इलाज की जरुरत है। इसके लिए उन्हें कार्डियक इंस्टिट्यूट में शिफ्ट कर दिया जाना चाहिए।”

नवाज़ शरीफ के डॉक्टर अदनान खान ने कहा कि उनकी हालत काफी खराब है और उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री का जेल में मुनासिब इलाज मुमकिन नही है क्योंकि उन्हें हृदय संबंधित गंभीर बीमारी है। उन्होंने कहा कि उचित इलाज के लिए उनकी अस्पताल में निरंतर जांच होनी चाहिए।

नवाज़ शरीफ को भ्रष्टाचार रोधी अदालत ने पनामा पेपर से सम्बंधित रिश्वतखोरी के आरोप में सात वर्ष की कारावास की सज़ा सुनाई थी। 69 वर्षीय नवाज़ शरीफ को अल अजीजिया स्टील मिल रिश्वतखोरी केस में सात साल की कैद की सजा मिली थी। एवेनफील्ड प्रॉपर्टीज केस, फ्लैगशिप इन्वेस्टमेंट और अल अजीजिया स्टील मिल केस को भ्रष्टाचार विरोधी विभाग ने 8 सितम्बर 2017 को अदालत के समक्ष रखा था, इसकी कार्रवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने नवाज़ शरीफ को अयोग्य करार दिया था।

कविता: कविता ने राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। वर्तमान में कविता द इंडियन वायर के लिए विदेशी मुद्दों से सम्बंधित लेख लिखती हैं।