गुरूवार, अक्टूबर 24, 2019

संयुक्त हितो के लिए इराक के साथ साझेदारी के लिए प्रतिबद्ध है: अमेरिका

Must Read

उप्र : उपचुनाव के नतीजे विपक्षियों के भविष्य का करेंगे फैसला

लखनऊ , 24 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में 11 सीटों पर हुए विधानसभा उपचुनाव के नतीजे समाजवादी पार्टी (सपा),...

बैडमिंटन : सायना की संघर्षपूर्ण जीत, कश्यप, श्रीकांत और समीर पहले दौर में बाहर (लीड-1)

पेरिस, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। सायना नेहवाल ने यहां जारी फ्रेंच ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट के पहले दौर में मिली संघर्षपूर्ण...

उत्तराखंड पंचायत चुनाव में रावत व योगी के गृह जनपद में भाजपा पर भारी पड़ी कांग्रेस

देहरादून 23 अक्टूबर, (आईएएनएस)। उत्तराखंड में हुए पंचायत चुनाव में सबसे चौंकाने वाला नतीजा पौड़ी जिले का रहा है।...
कविता
कविता ने राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। वर्तमान में कविता द इंडियन वायर के लिए विदेशी मुद्दों से सम्बंधित लेख लिखती हैं।

अमेरिका ने बुधवार को इराक से अपने सभी कर्मचारियों को तत्काल वापस आने का आदेश दिया था। वांशिगटन ने बुधवार को कहा कि “पारस्परिक लाभ में उन्नति के लिए इराक के साथ साझेदारी करने के लिए हम सदैव प्रतिबद्ध है। हम इराक में बढ़ते हे खतरे को देख रहे हैं और इसे हमने माइक पोम्पिओ की 7 मई की यात्रा और कई अवसर पर इराकी सरकार के साथ साझा किया था राज्य सचिव ने इराक में मौजूद वांशिगटन के कर्मचारियों को वापस बुलाने के आदेश देने का निर्णय किया था।”

इराक के साथ साझेदारी को प्रतिबद्ध

उन्होंने कहा कि “मिशन इराक के समक्ष इराक में अमेरिकी नागरिकों को आपातकालीन सुविधा मुहैया करने की क्षमता सीमित है। अमेरिका की सरकार के सैनिको और अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा को सुनिश्चित करना व अपने ठिकानों की रक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

प्रवक्ता ने कहा कि “हम हमेशा इराक के साथ पारस्परिक लाभ में उन्नति के लिए साझेदारी को प्रतिबद्ध है।” अमेरिका की मीडिया के मुताबिक, इराक से अमेरिकी कर्मचारियों की वापसी का फैसला मध्य पूर्व में तनाव के बढ़ने के कारण लिया गया है। डोनाल्ड ट्रम्प ने क्षेत्र में ईरान और उसके सहयोगियों के द्वारा अमेरिकी सेना के खिलाफ खतरे की सम्भावना के बाबत चेतावनी दी थी।”

ईरान-अमेरिका तनाव

बीते हफ्ते अमेरिका ने मध्य पूर्व में एक जंगी विमान और एक परमाणु बमवर्षक की तैनाती की मंज़ूरी दी थी। साथ ही पेट्रियट मिसाइल बैटरी और युद्धपोत की तैनाती भी की है। पेट्रियट प्रणाली एयरक्राफ्ट और मिसाइल से सुरक्षा करता है जबकि युद्धपोत में पनडुब्बियां और एयरक्राफ्ट भेजे जाते हैं।

अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक सम्बन्ध काफी खराब होते नजर आ रहे हैं। वांशिगटन ने ईरान की रेवोलूशनरी गार्ड् कॉर्प्स को विदेशी आतंकी संगठन का दर्जा दे दिया था और साथ ही आठ देशों को ईरान से तेल खरीदने की रिआयत में वृद्धि करने से भी इंकार कर दिया था।

अमेरिका बीते वर्ष साल 2015 में हुई परमाणु संधि से बाहर निकल गया था और ईरान पर सभी कड़े प्रतिबंधों को वापस थोप दिया था। इस निर्णय पर डोनाल्ड ट्रम्प की काफी आलोचनाएं हुई थी।

- Advertisement -

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Latest News

उप्र : उपचुनाव के नतीजे विपक्षियों के भविष्य का करेंगे फैसला

लखनऊ , 24 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में 11 सीटों पर हुए विधानसभा उपचुनाव के नतीजे समाजवादी पार्टी (सपा),...

बैडमिंटन : सायना की संघर्षपूर्ण जीत, कश्यप, श्रीकांत और समीर पहले दौर में बाहर (लीड-1)

पेरिस, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। सायना नेहवाल ने यहां जारी फ्रेंच ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट के पहले दौर में मिली संघर्षपूर्ण जीत के बाद दूसरे दौर...

उत्तराखंड पंचायत चुनाव में रावत व योगी के गृह जनपद में भाजपा पर भारी पड़ी कांग्रेस

देहरादून 23 अक्टूबर, (आईएएनएस)। उत्तराखंड में हुए पंचायत चुनाव में सबसे चौंकाने वाला नतीजा पौड़ी जिले का रहा है। यहां जिला पंचायत सीटों के...

गैर-तेल क्षेत्र की कंपनियों के लिए भी खुला पेट्रोल, डीजल की बिक्री का द्वार

नई दिल्ली, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल की खुदरा बिक्री के नियमों को सरल बनाते हुए बुधवार को सभी कंपनियों...

रविदास मंदिर पर ओछी राजनीति कर रही कांग्रेस और आप : भाजपा

नई दिल्ली, 23 अक्टूबर,(आईएएनएस)। दिल्ली के तुगलकाबाद में रविदास मंदिर के मुद्दे पर भाजपा ने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पर ओछी राजनीति करने...
- Advertisement -

More Articles Like This

- Advertisement -