Sat. Feb 4th, 2023
    इराक

    इराक के प्रधानमन्त्री ने कहा कि “पहली बार उनकी सरकार ने इसे संकेत दिए हैं कि इन गर्मियों में कुछ सैन्य छावनियो के पीछे हमले का जिम्मेदार इजरायल है लेकिन स्पष्ट तरीके से कोई आरोप नहीं लगाया है।” हाशेद अल सहाबी सेना ने अपने सैन्य ठिकानों और हथियार गृहों में सिलसिलेवार विस्फोट का कसूरवार इजरायल को ठहराया है लेकिन केंद्र सरकार कह रही है कि अभी इस मामले की जांच की जा रही है।

    इराक के सैन्य ठिकानो पर हमला

    पहली बार प्रधानमन्त्री आदेल अब्देल मेहदी ने अल जजीरा टीवी से एक इंटरव्यू में कहा कि “वह सभी जांच निष्कर्ष के काफी करीब है। इराकी विभागों द्वारा की गयी कुछ जांच महत्वपूर्ण संकेत देती है कि इन हमलो के पीछे इजरायल का हाथ है।”

    अब्देल मेहदी ने कहा कि “उन्होंने अमेरिकियों से भी सुना है कि इजरायल इसमें शामिल थे लेकिन उनकी सरकार के समक्ष अभी पुख्ता सबूत मौजूद नहीं है।” हाशेद के पांच ूठिकानों पर यह विस्फोट बगदाद के दो सहयोगियों तेहरान और वांशिगटन के बीच संतुलन बैठना मुश्किल कर देगा।

    अधिकारियो ने बताया कि इसके लिए अमेरिका भी कसूरवार है लेकिन इजरायल के ड्रोन ने 25 अगस्त को हवाई हमला किया था जिसमे एक हाशेद के एक लड़ाके की मौत हो गयी थी। यह इलाका इरक के पश्चिमी बॉर्डर पर सीरिया से सटा हुआ है।

    पेंटागन ने इसकी जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया और कहा कि “वह इराक की जांच में सहयोग कर रहे हैं। हालाँकि इजरायल ने इसमें शामिल होने या न होने की पुष्टि नहीं की है।” इराकी सरकार ने कहा कि “वह विदेश भागीदारी के सबूतों का अध्ययन कर रहे हैं।”

    आदेल मेहदी ने बीते सप्ताह पत्रकारों से कहा कि “उनके पास कोई विश्वसनीय सबूत नहीं है।” सांसद अहमद अल असदी ने शुक्रबार को कहा कि “उन्हें और उनके सहयोगी सांसदों को फलेह अल फय्याद द्वारा इजरायल के शामिल होने के बाबत जानकारी दी थी।

    उन्होंने कहा कि “अल फय्याद ने हमसे कहा कि जांच समिति ने तीन घटनाओं को बाहरी हमला साबित कर दिया है। इसमें से दो इजरायल ने किये हैं।” असदी ने कहा कि “मुझे नहीं मालूम कि सरकार परिणामो को सार्वजानिक क्यों नहीं कर रही है।”

    हाशेद की स्थापना साल 2014 में अधिकतर शिया हथियारबंद समूहों ने की थी ताकि इस्लामिक स्टेट से जंग लड़ सके और अब यह इराक की सेना का अधिकारिक भाग बन चुका है। इजरायल अपने पड़ोसी मुल्क सीरिया में ईरान समर्थित सेना के ठिकानों पर हवाई हमला करता है। इसलिए इराक में हमलो के पीछे सबसे पहला शक इजरायल पर किया गया था। बीते महीने इराक के विदेश मंत्रालय ने जांच पूरी होने के बाद संयुक्त राष्ट्र में शिकायत पत्र देने की धमकी दी थी।

    By कविता

    कविता ने राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। वर्तमान में कविता द इंडियन वायर के लिए विदेशी मुद्दों से सम्बंधित लेख लिखती हैं।

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