Thu. Dec 8th, 2022
    Nitin-Gadkari

    केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को अपनी काबिलियत साबित करने के लिए महिला आरक्षण की जरूरत नहीं थी, उन्होंने बिना आरक्षण के ही कांग्रेस के कई पुरुष नेताओं से बेहतर काम किया।

    रविवार को नागपुर में महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) द्वारा एक प्रदर्शनी के उद्घाटन पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता ने कहा कि वह महिला आरक्षण के विरोध में नहीं हैं, बल्कि जाति और धर्म पर आधारित राजनीति के खिलाफ हैं।

    “इंदिरा गांधी ने अन्य समर्पित पुरुष नेताओं के बीच अपनी पार्टी में अपनी भूमिका साबित की। क्या यह आरक्षण के कारण था?” श्री गडकरी ने पूछा।

    उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज, राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन जैसे महिला भाजपा नेताओं ने बिना किसी आरक्षण के राजनीति में अच्छा किया।

    उन्होंने कहा, “मैं महिलाओं के आरक्षण के खिलाफ नहीं हूं। महिलाओं को आरक्षण मिलना चाहिए। मैं इसका विरोध नहीं कर रहा हूं।”

    हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि एक व्यक्ति ज्ञान के आधार पर उत्कृष्टता प्राप्त करता है, न कि भाषा, जाति, धर्म या क्षेत्र के कारण।” उन्होंने कहा कि इंसान ज्ञान के आधार पर प्रगति करता है ना कि जाती या धर्म के आधार पर। गजानन महाराज या संत तुकडोजी महाराज के धर्म के बारे में पूछते हैं? क्या हमने कभी छत्रपति शिवाजी महाराज, डॉ बाबासाहेब अम्बेडकर या ज्योतिबा फुले की जाति के बारे में पूछा है?”

    By आदर्श कुमार

    आदर्श कुमार ने इंजीनियरिंग की पढाई की है। राजनीति में रूचि होने के कारण उन्होंने इंजीनियरिंग की नौकरी छोड़ कर पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखने का फैसला किया। उन्होंने कई वेबसाइट पर स्वतंत्र लेखक के रूप में काम किया है। द इन्डियन वायर पर वो राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लिखते हैं।

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *