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    भारत प्रधानमंत्री मनीला

    फिलीपीन्स में आसियान शिखर सम्मेलन चल रहा है। यहां पर कई देशों के प्रमुख हिस्सा ले रहे है। अभी कुछ देर पहले ही पीएम नरेन्द्र मोदीअमेरिका राष्ट्रपति के बीच में द्विपक्षीय मुलाकात भी हुई।

    इसके बाद पीएम मोदी ने मनीला में भारतीय समुदाय के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए चीन के ऊपर अप्रत्यक्ष तौर पर कटाक्ष किया।

    पीएम मोदी ने कहा कि अगर आप भारत के इतिहास को देखेंगे तो भारत ने छीनने की बजाय सिर्फ देने की नीति पर विश्वास किया है। पीएम मोदी ने ये बात मुस्कुराते हुए कही।

    पीएम मोदी के ऐसा कहने पर वहां पर उपस्थित दर्शकों से उन्हें शानदार प्रतिक्रिया प्राप्त हुई। इसके अलावा पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत हमेशा से शांति में विश्वास करता है। संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिक बलों में हमारी सबसे बड़ी भागीदारी है।

    भारत के साथ है सीमा विवाद

    पीएम मोदी ने इशारों-इशारों में चीन की विस्तारवादी नीति पर कटाक्ष किया। गौरतलब है कि चीन दक्षिणी चीन सागर में अपना हक जताता है। इसके लिए चीन इस सागर मे सैन्य विस्तार को बढ़ावा दे रहा है। चीन ने हमेशा से ही विस्तारवाद की नीति को अपनाते हुए दुनिया पर दबदबा बनाए रखने की कोशिश की है।

    अगर भारत चीन विवाद को देखा जाए तो हाल ही में डोकलाम विवाद काफी गंभीर मुद्दा बन चुका था। चीन की नीति रही है कि वो अन्य देशों की जमीन पर कूटनीतिक तरीके से खुद का हक जताता है। चीन भारत के अरूणाचल प्रदेश पर भी हिस्सा जताता है।

    हाल ही में फिलीपीन्स में हो रहे आसियान सम्मेलन के दौरान भी कई देश दक्षिणी चीन सागर पर चीन को घेरने की तैयारी में थे। खुद फिलीपीन्स की बात की जाए तो ये भी दक्षिणी चीन सागर पर अपना हक जताता है।

    इसके लिए फिलीपीन्स व चीन के बीच में विवाद भी चल रहा है। फिलीपीन्स इस विवाद को अन्तरराष्ट्रीय न्यायालय में भी उठा चुका है। लेकिन चीन ने अन्तरराष्ट्रीय न्यायालय के आदेश को मानने से साफ तौर पर इंकार कर दिया था। चीन इस सागर पर अपना विस्तार करते हुए इस सागर से सारा व्यापार अपने नियंत्रण में लेना चाहता है।