आर्टिकल 370 को हटाना भारत का अंदरूनी मामला: आला अमेरिकी अधिकारी

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भारतीय पीएम नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और नरेंद्र मोदी की आगामी मुलाकात से पूर्व अमेरिका ने कहा कि “अनुच्छेद 370 को हटाना भारत का आंतरिक मामला है।” अमेरिका ने पाकिस्तान से भी लाइन ऑफ़ कंट्रोल पर आतंकवादियों की पंहुच को रोकने की मांग की है और उसकी सरजमी से संचालित कर रहे आतंकवादी समूह पर कार्रवाई की मांग की है।

अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने जम्मू-कश्मीर के हालिया घटनाक्रम को भारत का आंतरिक मामला करार दिया। उन्होंने कश्मीर मामले में अमेरिकी मध्यस्थता की संभावनाओं से साफ इंकार किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत और पाकिस्तान के बीच इस मुद्दे को द्विपक्षीय रूप से हल किया जाएगा।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह जम्मू कश्मीर का आंतरिक मामला है और पेरिस में जी 7 सम्मेलन के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच इस मामले को उठाया जायेगा। अधिकारी ने बताया कि आर्टिकल 370 को हटाना भारत का आंतरिक मामला है। राष्ट्रप्त्री ट्रम्प सुनने को बेताब है कि कैसे प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी सार्थक कदम के सतह इस तनाव को कम करेंगे।”

नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रम्प जी-7 सम्मेलन के इतर मुलाकात करेंगे और सभी मामलो पर चर्चा करेंगे। अधिकारी ने शनिवार को कहा कि “भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर मसले पर बातचीत होने की सम्भावना है। राष्ट्रपति सुनने को बेताब है कि तनाव को कम करने के लिए प्रधानमन्त्री मोदी की क्या योजना है और जम्मू कश्मीर पर मानव अधिकारों को कैसे सम्मान देना है।”

डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि जी-7 की बैठक के इतर मैं नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने की तरफ देख रहा हूँ जो इस सप्ताहांत में फ्रांस में आयोजित की जाएगी। अधिकारी ने कहा कि उम्मीद है कि दोनों नेताओं के बीच फलदायी वार्ता होगिब जैसे जापान में जी 20 सम्मेलन के दौरान हुई थी और इस सप्ताह के शुरू में फ़ोन पर बात की थी। व्यापार पर दोनों नेता समाधान की तरफ देख रहे हैं। अमेरिका भारत की तरफ से शुल्क को कम करने और बाजारों को खोलने की तरफ देख रहा है।”

अमेरिकी आधिकारी ने कहा कि भारत ने कभी भी कश्मीर के मामले में मध्यस्थता की गुजारिश नहीं की थी। उन्होंने कहा कि “भारत ने कभी अधिकारिक आग्रह नहीं किया था लेकिन राष्ट्रपति ने कहा कि वह भारत और पाकिस्तान दोनों देशो के प्रधान मंत्रियों के बेहफ अच्छे दोस्त है और अगर वे दोनों मुल्क चाहे तो हम मध्यस्थता करने के लिए तैयार है।”

बीते हफ्ते डोनाल्ड ट्रम्प ने पाकिस्तान के प्रधानमन्त्री इमरान खान से फ़ोन पर बातचीत की थी और यह स्पष्ट कर दिया था कि यह दोनों देशो के बीच का आंतरिक मामला है और मंगलवार को खान ने ट्रम्प को कश्मीर के हालातो के बारे में बताया था। साथ ही डोनाल्ड ट्रम्प से कश्मीर विवाद का हल निकालने की गुजारिश की थी।

 

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