आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को आरक्षण देने वाला संविधान संशोधन बिल राज्य सभा में पास

Rajya Sabha

आर्थिक रूप से पिछड़े अनारक्षित वर्ग के लोगों को 10 फीसदी आरक्षण दिलाने वाला 124वां संविधान संशोधन बिल कल राज्यसभा में भी पास हो गया। करीब 8 घंटे चली बहस के बाद बिल के पक्ष में 165 और बिल के विरोध में 7 वोट पड़े।

दोनों सदनों में बिल के पास हो जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे सामाजिक न्याय के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने ट्वीट कर कहा “राज्य सभा ने संविधान (एक सौ और चौबीसवाँ संशोधन) विधेयक, 2019 पारित किया है। खुशी है कि इस विधेयक को व्यापक समर्थन मिला। सदन ने एक जीवंत बहस भी देखी, जहाँ कई सदस्यों ने अपनी राय व्यक्त की।

एक एनी ट्वीट कर उन्होंने कहा “संसद के दोनों सदनों में संविधान (एक सौ और चौबीसवाँ संशोधन) विधेयक, 2019 सामाजिक न्याय की जीत है। यह हमारे युवा शक्ति के लिए एक व्यापक भविष्य सुनिश्चित करता है ताकि वे अपने कौशल का प्रदर्शन कर सकें और भारत के परिवर्तन में योगदान कर सकें।”

उन्होंने आगे कहा “संविधान (एक सौ चौबीसवें संशोधन) विधेयक, 2019 को पारित करके, हम अपने संविधान के निर्माताओं और महान स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिन्होंने एक ऐसे भारत की कल्पना की, जो मजबूत और समावेशी हो।”

राज्यसभा में बहस के दौरान कांग्रेस के समर्थन देने के साथ ही इस बिल के पास हो जाने का रास्ता साफ़ हो गया था लेकिन राष्ट्रीय जनता दल और आम आदमी पार्टी ने इस बिल के विरोध में वोट किया।

इससे पहले जब सरकार ने 7 जनवरी को आर्थिक रूप से असमर्थ उच्च तबके के लोगों के लिए 10 फीसदी आरक्षण की घोषणा की थी तो आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष अरविन्द केजरीवाल ने सरकार को समर्थन देने की बात कही थी लेकिन राज्यसभा में उनके संसद पलट गए और उन्होंने बिल के खिलाफ वोट कर दिया। पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि “हमारी पार्टी बिल के मौजूदा स्वरुप का विरोध करती है।”

बाकी दलों ने समर्थन देने की घोषणा तो की लेकिन साथ ही साथ बिल लाने की टाइमिंग पर भी सवाल उठाये।

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