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आरआईएल को 1 अप्रैल से पहले मिल सकता है नया एमडी

आरआईएल को 1 अप्रैल से पहले मिल सकता है नया एमडी

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) को जल्द ही एक नया प्रबंध निदेशक मिल सकता है, बशर्ते भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक पदों को अलग करने के निर्देश को निर्धारित तिथित एक अप्रैल से लागू कर दिया जाए। इस तरह से आरआईएल के मुख्य प्रबंधनिदेशक (सीएमडी) मुकेश अंबानी गैर-कार्यकारी अध्यक्ष बन जाएंगे। वहीं कंपनी के इतिहास में पहली बार अंबानी परिवार से बाहर का कोई सदस्य आरआईएल का प्रबंध निदेशक बन सकता है।

चर्चा है कि आरआईएल के कार्यकारी निदेशक निखिल मेसवानी या मुकेश अंबानी के विश्वासपात्र एवं कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मनोज मोदी को यह जिम्मेदारी मिल सकती है।

इसके अलावा कंपनी के अन्य दो कार्यकारी निदेशक निखिल के छोटे भाई हितल और पी. एम. एस. प्रसाद का नाम भी संभावित सूची में है।

मेसवानी आरआईएल बोर्ड में 90 के दशक के मध्य से हैं और मुकेश अंबानी के चचेरे भाई हैं। जब धीरूभाई अंबानी ने आरआईएल की स्थापना की तो उनके पिता रसिकलाल मेसवानी इसके संस्थापक निदेशकों में से एक थे।

मनोज मोदी आरआईएल बोर्ड में नहीं हैं और किसी वरिष्ठ कार्यकारी पद पर भी नहीं हैं। लेकिन वह आरआईएल के पदानुक्रम में सबसे महत्वपूर्ण व्यक्तियों में से एक हैं।

इस संबंध में आईएएनएस द्वारा आरआईएल से संपर्क किया गया तो कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

सेबी ने एक अप्रैल तक सभी सूचीबद्ध अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक/सीईओ की भूमिकाओं को अलग करने का आदेश जारी किया हुआ है।

यह निर्देश परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों को एमडी पद लेने से बाहर करने से संबंधित है।

निदेशक मंडल (बोर्ड ऑफ डायरेक्टर) की सूची में हितल मेसवानी का नाम मुकेश अंबानी और उनकी पत्नी नीता अंबानी के बाद ही आता है।

आरआईएल की वेबसाइट पर उपलब्ध बायोडेटा के अनुसार, हितल मेसवानी 1990 में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड में शामिल हुए और वह कंपनी के संस्थापक निदेशकों में से एक रसिकलाल मेसवानी के बेटे हैं।

वहीं मनोज मोदी मुकेश अंबानी के सबसे करीबी सहयोगी और कई वर्षों से दोस्त भी हैं। वह कंपनी की प्रमुख परियोजनाओं में शामिल रहे हैं और अंबानी के नहीं होने पर वही प्रमुख कार्य संभालते हैं। उन्होंने रिटेलिंग से लेकर टेलीकॉम तक, कई नई परियोजनाओं का नेतृत्व करने में मदद की है। मगर उनके पास कोई नामित वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी या बोर्ड का पद नहीं है। वह आरआईएल के बोर्ड में तो नहीं हैं, लेकिन रिलायंस जियो इन्फोकॉम के बोर्ड में शामिल हैं।

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