Tue. Dec 6th, 2022
    विजय गोखले और माइक पोम्पिओ

    अमेरिका के राज्य सचिव माइक पोम्पिओ ने मंगलवार को भारतीय विदेश सचिव विजय गोखले से मुलाकात की और आतंकवाद के खिलाफ भारत का समर्थन करने का वादा किया था। अमेरिकी उप प्रवक्ता रोबर्ट पालडिनो ने बयान में कहा कि “माइक पोम्पिओ और विजय गोखले ने पुलवामा आतंकी हमले दोषियों को सज़ा दिलवाने की महत्वता पर चर्चा की और पाकिस्तान द्वारा उसकी सरजमीं पर पनाहगार आतंकी समूहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तत्कालिता के बाबत बातचीत की थी।”

    उन्होंने कहा कि “राज्य सचिव पोम्पिओ ने पुष्टि की कि अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ भारत की जनता और सरकार के साथ खड़ा है। उन्होंने मज़बूत साझेदारी और सहयोग को व्यापक स्तर पर वृद्धि के लिए बातचीत की जिसमे आतंक रोधी अभियान भी था।”

    वांशिगटन में भारतीय दूतावास की तरफ से जारी बयान के मुताबिक माइक पोम्पिओ ने सीमा पार आतंकवाद की भारत की चिंता को समझा है। उन्होंने पकिस्तान द्वारा आतंकी समूहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तत्कालिता और आतंकी समूहों को सुरक्षित पनाह न मुहैया करने पर रज़ामंदी जाहिर की है।

    उन्होंने आतंकवाद को समर्थन करने वालो को भी जिम्मेदार होने पर सहमति व्यक्त की है। विजय गोखले ने भारत और अमेरिका सम्बन्ध में व्यापक प्रगति पर संतोष व्यक्त किया है। माइक पोम्पिओ बीते वर्ष सितम्बर में 2+2 वार्ता के लिए नई दिल्ली आये थे।

    दोनों नेताओं ने कई द्विपक्षीय मुद्दों पर विचार विमर्श किया था। इसमें अफगानिस्तान, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग और नजदीक से कार्य करने पर रज़ामंदी जाहिर की है। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने सोमवार को अमेरिकी सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन से फ़ोन पर बातचीत की थी। इस कॉल का मकसद अमेरिका को पुलवामा आतंकी हमले के बाद क्षेत्रीय हालातों के बाबत जानकारी मुहैया करना था।

    भारत के जम्मू कश्मीर राज्य के पुलवामा जिले में सीआरपीएफ के काफिले में एक फियादीन हमलावर ने अपनी कार को टक्कर मार दी थी। जिसमे 40 सैनिकों में अपनी जिंदगी की कुर्बानी दी थी।

    पाकिस्तान को कड़ी चुनौती

    दोनों विदेश सचिवों की मुलाकात के बाद अमेरिकी सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन नें पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी से फोन पर बात की और पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने को कहा।

    जॉन बोल्टन नें इस बात की जानकारी ट्विटर के जरिये दी।

    बोल्टन नें लिखा कि पाकिस्तानी विदेश मंत्री नें उन्हें आश्वासन दिया है कि वे सख्ती से आतंकवादियों के खिलाफ कदम उठाएंगे और भारत पाकिस्तान सम्बन्ध में आये तनाव को कम करने की कोशिश करेंगे।

    जाहिर है कल ही महमूद कुरैशी नें यह कहा था कि पाकिस्तान और अमेरिका के संबंधों में बड़ा बदलाव आया है।

    मीडिया से मुखातिब होकर पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा कि “दोहा में पाकिस्तानी मदद से आयोजित अमेरिकी-तालिबान शान्ति वार्ता से सकारात्मक परिमाण आने की उम्मीद है।” उन्होंने कहा कि “एफएटीएफ ने पाकिस्तान को, आतंकवाद और आतंकी समूहों को वित्तपोषित करने के खिलाफ कार्रवाई न करने के कारण ग्रे सूची में शामिल कर रखा है और इस कारण अमेरिका के साथ इस्लामाबाद के सम्बन्ध कुछ खास नहीं रहे थे।”

    By कविता

    कविता ने राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। वर्तमान में कविता द इंडियन वायर के लिए विदेशी मुद्दों से सम्बंधित लेख लिखती हैं।

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