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    राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत नें आज घोषणा की है कि उनकी सरकार राज्य में राजकीय महाविद्यालयों के ऐसे व्याख्याताओं, शारीरिक शिक्षकों तथा पुस्तकालयाध्यक्षों, जिनकी छठे वेतनमान में वार्षिक वेतन वृद्धि 2 जनवरी, 2006 से 30 जून, 2006 के मध्य थी, उनके वेतन में वृद्धि करेगी।

    अशोक गहलोत नें कहा, “राज्य सरकार ने राजकीय महाविद्यालयों के ऐसे व्याख्याताओं, शारीरिक शिक्षकों तथा पुस्तकालयाध्यक्षों, जिनकी छठे वेतनमान में वार्षिक वेतन वृद्धि 2 जनवरी, 2006 से 30 जून, 2006 के मध्य थी, उन्हें अन्य राजकीय कर्मचारियों के समान 1 जनवरी, 2006 से एक वेतन वृद्धि का लाभ दिए जाने का निर्णय किया है। इस सम्बन्ध में प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।”

    उन्होनें बताया, “इस निर्णय का लाभ प्रदेश के विभिन्न राजकीय महाविद्यालयों के 456 व्याख्याताओं, शारीरिक शिक्षकों तथा पुस्तकालयाध्यक्षों को मिलेगा। इन शिक्षकों के लिए 1 जनवरी, 2006 से 30 जून, 2013 तक का संशोधित वेतन स्थिरीकरण नोशनल होगा तथा वास्तविक लाभ 1 जुलाई, 2013 से मिलेगा।”

    गहलोत नें आगे कहा, “उल्लेखनीय है कि वित्त विभाग नेे 12 अक्टूबर, 2009 के आदेश के तहत राजकीय महाविद्यालयों के शिक्षकों को छठा यूजीसी वेतनमान स्वीकृत किया था। इसमें वार्षिक वेतन वृद्धि की तिथि 1 जुलाई, 2006 निर्धारित की गई थी। वार्षिक वेतनवृद्धि के लिए न्यूनतम छह माह की सेवावधि होने का प्रावधान है। इस कारण उस समय ऐसे महाविद्यालय शिक्षक जिनकी वेतनवृद्धि 2 जनवरी, 2006 से 30 जून, 2006 के दरमियान थी, उन्हें एक जुलाई, 2006 को छह माह की अवधि पूरी नहीं होने के कारण वार्षिक वेतन वृद्धि 1 जुलाई, 2006 के स्थान पर एक वर्ष बाद 1 जुलाई, 2007 को स्वीकृत की गई थी।”

    उन्होनें कहा, “अब स्वीकृति के बाद इन 456 शिक्षकों को भी अन्य राज्यकर्मियों के समान 1 जनवरी, 2006 से एक वेतन वृद्धि का लाभ मिल सकेगा। उल्लेखनीय है कि ऐसे प्रकरणों में अन्य राज्य कर्मचारियों को 1 जनवरी, 2006 से वेतन वृद्धि का लाभ पहले ही दिया जा चुका है।”

    उन्होनें जेल कर्मचारियों के बारे में कहा, “राजस्थान जेल अधीनस्थ सेवा के कर्मचारियों को पदोन्नति के समुचित अवसर प्रदान करने के लिए वरिष्ठ प्रहरी का नया पद सृजित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसी के साथ राजस्थान जेल अधीनस्थ सेवा के कारापाल, उप कारापाल तथा मुख्य प्रहरी के पदों के पे-मैट्रिक्स के पे-लेवल में बढ़ोतरी तथा वरिष्ठ प्रहरी पद के पे-लेवल निर्धारण को स्वीकृति दी गयी है।

    कारापाल पद के वर्तमान पे-मेट्रिक्स के पे-लेवल-10 के स्थान पर लेवल-11, उप कारापाल पद के लिए एल-8 के स्थान पर एल-9, मुख्य प्रहरी के लिए एल-5 के स्थान पर एल-8 तथा वरिष्ठ प्रहरी के लिए एल-5 निर्धारित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।”

    By पंकज सिंह चौहान

    पंकज दा इंडियन वायर के मुख्य संपादक हैं। वे राजनीति, व्यापार समेत कई क्षेत्रों के बारे में लिखते हैं।

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