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    ashok gehlot

    राजस्थान के मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत नें कल यहाँ प्रदेश में राहुल गांधी की उपस्थिति में जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होनें कांग्रेस प्रत्याशी राम नारायण मीणा के समर्थन में वोट मांगे।

    अशोक गहलोत ने अपने भाषण में कहा, “इतनी बड़ी तादाद में यहां पर आप लोग इकट्ठा हुए हैं, यह आपका प्यार आपका स्नेह और आपका आशीर्वाद हम सब के साथ में है, राहुलजी को आप सुनने आए हैं इस बात की मुझे बहुत खुशी है। अभी राहुल जी आप लोगों को अपनी बात कहेंगे। मैं खाली आपको इतना ही कहना चाहूंगा कि राम नारायण मीणा जी कोई नये नहीं है, लंबे अरसे से हाडोती की और राजस्थान की सेवा करते आए हैं, विभिन्न पदों पर रहे हैं, पहले भी मेंबर पार्लियामेंट आप ने आशीर्वाद देकर इनको चुना था, एमएलए भी रहे कई बार, डिप्टी स्पीकर रहे विधानसभा के अंदर एक लंबा राजनीतिक अनुभव इनका है, आप इनको कामयाब करके भेजोगे इस बार तो यह चुनाव जीतने के बाद में कोटा की जो समस्याएं हैं हमको दिल्ली की पंचायत में जोर शोर से उठाएंगे, आपके बीच में आते जाते रहेंगे, आपके सुख दुख में भागीदार बनेंगे और कोई कमी नहीं आने देंगे।”

    गहलोत नें आगे कहा, “यहां 3 महीने पहले राजस्थान सरकार बनाई है राहुल जी का आदेश है जो वादे करो निभाओ हमने मेनिफेस्टो जारी किया आप में से कई लोगों ने पढ़ा होगा, मेनिफेस्टो के आधार पर सरकार बनते ही पहली कैबिनेट के अंदर हमने मेनिफेस्टो को सरकार की कार्य योजना का अंग बना दिया ऑफिशियल, अब पूरी सरकार चलेगी जो मेनिफेस्टो के आधार पर चलेगी उसमें जो वादे किए गए हैं निभाने ही है क्योंकि हमारे नेता का कहना है जो कहो वह करके दिखाओ, मोदी जी की तरह नहीं है झूठे वादे किए। मेनिफेस्टो दिल्ली में बनवाया है राहुल जी ने इतिहास में पहली बार नहीं सोच के साथ, पूरे देश में लाखों लोगों को पूछा गया इंटरनेट के माध्यम से सुझाव मंगवाए गए, टीमें गई पूरे देश के अंदर राज्यों में जनता चाहती क्या है आखिर में, पूछने के बाद मेनिफेस्टो जारी हुआ यह आप सबको मालूम है।”

    अशोक गहलोत नें आगे कहा, “पर यह मैं निवेदन करूंगा आपको हमारी कथनी और करनी में अंतर नहीं है। संकट के वक्त में हमेशा हम लोग चाहे सत्ता में रहे या विपक्ष में रहे आपके साथ में खड़े मिले होंगे आपको, इसीलिए आपने पुनः सरकार बनाई है। मुझे याद है सरकार चली गई थी हमारी और भयंकर ओलावृष्टि हुई आपके यहां पर बूंदी, कोटा राजस्थान भर के अंदर, फसलें चौपट हो गई किसानों की चाहे हम हारे हुए थे पर सोनिया गांधी जी कांग्रेस अध्यक्ष थी उस वक्त में वह खुद अचानक आई कोटा के अंदर, हम सब उनके साथ में थे, गांव गांव में गए हमने किसानों से बातचीत करी और जो कर सकते थे हम लोग मैं, सचिन पायलट जी, भंवर जितेंद्र सिंह जी, डूडी साहब, राम नारायण जी हम सब कई जिलों में गए थे, किसानों के हालचाल पूछे कई लोगों ने आत्महत्या कर ली, पिछली सरकार निष्ठुर सरकार थी इसलिए कोई परवाह नहीं करी जो मुआवजा देना चाहिए वह मुआवजा नहीं दिया, यह हालात थे पिछली सरकार के कुशासन के।”

    विकास कार्यों पर जोर देते हुए उन्होनें कहा, “परवन नदी पर बांध बन रहा था क्या कारण था रोकने का कोई समझ के परे है, नहरों की मरम्मत का काम पड़ा है आपके यहां पर हमारे वक्त में सैंक्शन हुआ वह काम आधा अधूरा रहा, यहां बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां पहले ही बंद हुई आपको मालूम है कि जेके की फैक्ट्री तो बंद हुए कई साल हो गए होंगे तो जो स्थिति बनी है कोटा में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की बात अभी राहुल जी मुझे पूछ रहे थे कैसे बन सकता है? आपको मालूम है वसुंधरा जी ने कोटा संभागीय मुख्यालय है इसका हक बनता था एयरपोर्ट बनने का, इसकी बजाय वह झालावाड़ ले गई वहां पर, झालावाड़ बनाओ एक नहीं दो-दो बनाओ हमें एतराज नहीं पर कोटा हाड़ोती का संभागीय मुख्यालय है यहां एयरपोर्ट बनना ही चाहिए था क्यों नहीं बना यह समझ के परे है। हम आपको कहना चाहेंगे सरकार बनाइए केंद्र में राहुल जी पिछली बार मीटिंग में आए थे तभी उसका जिक्र किया था, मैं भी कहना चाहूंगा राजस्थान सरकार पूरा सहयोग करेगी, केंद्र में सरकार हमारी बनेगी तो जो वादे हमने किए हैं उसके अंतर्गत यहां पर एयरपोर्ट बने नया, उसमें पीछे नहीं हटेंगे यह मैं कहना चाहता हूं।”

    नरेंद्र मोदी पर उन्होनें कहा, “मोदी जी क्या बात करेंगे, अटल बिहारी वाजपेई जी बने प्रधानमंत्री उन्होंने कहा मैं उन लोगों में नहीं हूं जो कहूँ 50 साल में कुछ भी नहीं हुआ, 50 साल में देश के अंदर बहुत कुछ हुआ है अब उनके खुद के नेता ऐसी बात कर रहे हैं। झूठे आरोप लगाते हैं, उनकी बॉडी लैंग्वेज देखी आप किस प्रकार से लटके-झटके करते रहते हैं, किस प्रकार से वह गुमराह करते हैं लोगों को, असत्य बोलते हैं, झूठे वादे करते हैं अरे उपलब्धियां बताओ जनता को आप, 5 साल की उपलब्धियां आप की क्या रही है उस का लेखा-जोखा बताओ, आगे क्या करोगे वह बताओ उसकी बजाए वो कभी धर्म के नाम पर बात करते हैं, कभी जाति की बात करते हैं, कभी ओबीसी की बात करते हैं अरे भाई मैं ओबीसी का नहीं हूं क्या? मेरे मुंह से सुना कभी आपने 40 साल में, मैंने कभी कहा मैं ओबीसी का हूं मेरे साथ में अन्याय हो रहा है? मोदी जी प्रधानमंत्री है ओबीसी का हूं इसलिए मेरी बेज्जती कर रहे हैं, कौन बेज्जती कर रहा है उनकी? कोई बेइज्जती नहीं कर रहा है। प्रधानमंत्री के पद की गरिमा आप खुद बनाए रखो यह आपके हाथ में है, प्रधानमंत्री कोई बात बोले प्रधानमंत्री की बात जनता को छूने वाली होनी चाहिए, दिल को छूने वाली होनी चाहिए, वह कहां है आज के जमाने में। ”

    उन्होंने आगे कहा, “वह जमाना था पंडित नेहरू का, लाल बहादुर शास्त्री का जय जवान जय किसान की बात करी, आराम हराम है की बात करी, इंदिरा गांधी ने गरीबी हटाओ की बात करी राजीव गांधी ने 21वीं शताब्दी की बात करी आज मोबाइल आ गए हैं कंप्यूटर आ गए हैं क्रांति हो गई देश के अंदर, दुनिया मुट्ठी में हो गई है यह हमारे कैमरा वाले चाहे तो पूरी दुनिया देख सकती है कौन कहां बैठा है और भाषण दे रहा है। क्रांति नहीं है यह कैसे आ गई? यह मोदी जी 5 साल में लेकर आए हैं यह आपको सोचना पड़ेगा।”

    मीडिया के बारे में अशोक गहलोत नें कहा, “जो माहौल बनाया है मीडिया का पूरा दुरुपयोग कर रहे हैं, मीडिया खुद दबाव में है, मीडिया के मालिक दबाव में है, मीडिया के संपादक दबाव में है और एंकर दबाव में है और एनडीटीवी में रवीश कुमार तो बोलता है हम लोग एंकर है झूठ परोस रहे हैं देश को, लोकतंत्र खतरे में है, दबाव हमारे ऊपर है क्या-क्या नहीं बोला वो? उसने यहां तक कह दिया 2 महीने भाइयों और बहनों देशवासियों आप टीवी देखना बंद कर दो कहीं इनके भरम में आ जाओगे तो वोट दे देंगे उनको, आप सोच सकते हैं कि यह हालात देश में बन गए हैं। इसको आपको समझना पड़ेगा अगला चुनाव लोकतंत्र को बचाने का चुनाव है, संविधान को बचाने का चुनाव है और देश को बचाने का चुनाव है।
    यह मैं अपील करूंगा आपसे हम सब ने मिलकर राम नारायण मीणा जी को टिकट दिलवाया है आप सब को मेरा निवेदन है कोई कमी मत रखना। आप लोग सब मिलकर संदेश देंगे गांव गांव में और 29 तारीख को हाथ वाला बटन दबाकर के आप कामयाब करे यही बात कहते हुए मैं अपनी बात समाप्त करता हूं।

    By पंकज सिंह चौहान

    पंकज दा इंडियन वायर के मुख्य संपादक हैं। वे राजनीति, व्यापार समेत कई क्षेत्रों के बारे में लिखते हैं।

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