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वित्त मंत्री अरूण जेटली द्वारा पेश आम बजट 2018 से संबंधित मुख्य बातें

वित्त मंत्री बजट
मोदी सरकार में वित्त मंत्री अरूण जेटली ने सरकार का पांचवा व आखिरी आम बजट 2018 संसद मे पेश किया। जिसमे कई सारे ऐलान किए गए।

मोदी सरकार में वित्त मंत्री अरूण जेटली ने सरकार का पांचवा व आखिरी आम बजट 2018 संसद मे पेश किया। अगले साल लोकसभा चुनावों व इस साल 8 राज्यों में विधानसभा चुनावों को देखते हुए वित्तमंत्री ने बजट में आम लोगों, किसानों व मध्यम वर्ग के लोगों को लुभाने की कोशिश की है।

पीएम मोदी के सपनों के भारत को पूरा करने के लिए बजट में कई योजनाएं पेश की गई है। वित्त मंत्री ने अपने भाषण की शुरूआत में कहा कि चार साल पहले, हमने देश के लोगों के लिए एक ईमानदार सरकार की प्रतिज्ञा ली थी।

जेटली ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा लागू ढांचागत सुधार पर बल दिया। जेटली ने शुरूआत मे कहा कि देश में अप्रत्यक्ष कर प्रणाली जीएसटी के बाद बेहद आसान हो गई है। प्रौद्योगिकी के उपयोग से सरकार को टैक्स बेस में वृद्धि करने में मदद मिली है। बीजेपी सरकार ने पिछले 3 वर्षों में औसतन 7.4% जीडीपी विकास दर रखी है। इस वित्त वर्ष में जेटली ने निर्यात में 17% की वृद्धि होने की संभावना जताई है।

जेटली ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया में 5 वीं सबसे बड़ी बनने के लिए ट्रैक पर खडी है। अभी हम 7वें नंबर पर आते है। आइए जानते है साल 2018-19 के आम बजट से संबंधित मुख्य बातें-

राजकोषीय स्थिति

  • साल 2017-18 में 5.95 लाख करोड़ रुपये के वित्तीय घाटे के साथ जीडीपी दर 3.5 प्रतिशत है। अगले वित्तीय वर्ष 2018-19 में राजकोषीय घाटा घटाकर जीडीपी के 3.3% होने पर बल दिया गया।
  • जीएसटी राजस्व 11 महीने के लिए ही प्राप्त होगा, जिसका बैलेंस शीट पर असर होगा
  • 47 लाख करोड़ रुपए के प्रोजेक्शन के मुकाबले राज्यों में शुद्ध जीएसटी के रूप में 21.57 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया गया।

कर

  • वित्तीय वर्ष 2017 में 85.51 लाख नए कर दाताओं ने आयकर रिटर्न फाइल की।
  • वित्त मंत्री ने सबसे महत्वपूर्ण रूप से घोषणा की है कि निजी आयकर दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
  • प्रत्यक्ष करों में 15 जनवरी तक 18.7% की वृद्धि हुई है।
  • सहकारी समितियों में 100 प्रतिशत कर कटौती की अनुमति प्रदान की गई है।
  • जिन कंपनियों का टर्नओवर साल 2016-17 में 250 करोड़ रुपये से ऊपर था उन पर 25 प्रतिशत कॉर्पोरेट कर बढ़ाया जाएगा।
  • वरिष्ठ नागरिकों को प्रोत्साहन देते हुए बैंक एफडी और डाकघर से प्राप्त आय पर 10000 रूपये की छूट।
  • धारा 80 डी के अन्तर्गत वरिष्ठ नागरिकों को मेडिकल इंश्योरेंस के लिए 50,000 रुपये प्रति वर्ष छूट दी जाएगी।
  • वरिष्ठ नागरिको द्वारा ब्याज वाली एलआईसी योजनाओं में निवेश के लिए राशि 7.5 लाख से बढ़ाकर दोगुनी 15 लाख की जाएगी।
  • वेतनभोगी करदाताओं के लिए चिकित्सा प्रतिपूर्ति व परिवहन के लिए 40000 रूपये की मानक कटौती होगी।
  • वेतनमान कर्मचारियों को मानक कटौती के दिए जाने की वजह से सरकार को 8,000 करोड़ रुपये का राजस्व हानि होगी।
  • 250 करोड़ रुपए से कम का कारोबार करने वाली कंपनियों के कॉरपोरेट कर में बदलाव से 7,000 करोड़ रुपए का राजस्व नुकसान होगा।
  • पिछले वित्त वर्ष में प्रत्यक्ष करों पर 19,000 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हुआ।
  • दीर्घकालिक पूंजी लाभ 1 लाख रुपये से अधिक होने पर बिना इंडेक्स के 10 प्रतिशत कर लगेगा।
  • अल्पावधि पूंजी कर 15 प्रतिशत ही रहेगी।
  • वितरित आय पर कर 10 प्रतिशत होगा।
  • शिक्षा उपकर 3 से 4 प्रतिशत करने से करीब 11000 करोड रूपये की अतिरिक्त प्राप्ति होगी।

आयात और निर्यात

  • पीएम मोदी की मेक इन इंडिया को बढावा देने के उद्देश्य से कुछ उत्पादों जैसे मोबाइल फोन और टेलीविजन पर कस्टम ड्यूटी बढ़ी है।
  • आयातित वस्तुओं पर 10% का सामाजिक कल्याण अधिभार लगेगा।
  • केन्द्रीय उत्पाद शुल्क और सीमा शुल्क बोर्ड का नाम बदलकर केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर व सीमा शुल्क बोर्ड किया गया।

कृषि

वित्त मंत्री ने साल 2018 के बजट मे किसानों को उच्च आय पैदा करने करने पर जोर दिया। सरकार ने किसानों को कम लागत पर अधिक उत्पादन करने व अधिक आय अर्जित करने पर बल दिया।

  • जेटली ने कहा कि देश में 275 मिलियन टन अनाज और 300 मिलियन टन फल और सब्जी का उत्पादन किसानों द्वारा किया गया है। भारत कृषि क्षेत्र में उच्च स्थान पर है।
  • किसानों को लागत मूल्‍य से 50 फीसदी ज्‍यादा देने की घोषणा मंत्री ने की है।खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम निर्यात मूल्य उत्पादन मूल्य के 1.5 गुना पर निर्धारित किया गया है। जेटली ने कहा कि केंद्र राज्यों के साथ काम करेगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सभी किसानों को उचित मूल्य मिले।
  • 2000 करोड़ रुपये का कृषि बाजार और बुनियादी फंड स्थापित किया जाएगा ताकि बाजार कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिल सके।
  • ऑपरेशन ग्रीन को लॉन्च करने के लिए 500 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की जाएगी।
  • मत्स्य पालन और पशुपालन के लिए किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधाएं बढाई जाएगी।
  • 10,000 करोड़ रुपये पशुपालन बुनियादी निधि के लिए अलग से निर्धारित किए जाएंगे।
  • 1200 करोड़ रुपये के एक फंड के साथ एक पुनर्गठन बांस मिशन शुरू करने का प्रस्ताव जेटली ने दिया और कहा कि बांस हरा सोना है।
  • कृषि ऋण लक्ष्य 8.5 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 11 लाख रुपये होगा।
  • प्रदूषण को कम करने के लिए हरियाणा, पंजाब और दिल्ली में फसलों का प्रबंधन करने के लिए विशेष योजना बनाई जाएगी।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था

  • 8 करोड़ गरीब महिलाओं को नया एलपीजी कनेक्शन दिया जाएगा।
  • 4 करोड़ गरीब लोगों को प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना के तहत बिजली कनेक्शन दिया जाएगा। इसके लिए सरकार करीब 16000 करोड़ रूपये खर्च करेगी।
  • स्वच्छ भारत मिशन के तहत अगले वित्त वर्ष में 2 करोड़ शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। जेटली ने कहा कि सरकार का लक्ष्य साल 2022 तक सभी के लिए घर बनाने का है। ताकि गरीब लोगों के पास भी अपना घर हो।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1 करोड़ घरों का निर्माण किया जाएगा।
  • राष्ट्रीय आजीविका योजना को सरकार द्वारा 5,750 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
  • साल 2018-19 में ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के साधन पैदा करने के लिए मंत्रालय करीब 14.34 लाख करोड़ रुपये खर्च करेगा।
  • अगले वित्त वर्ष के लिए सरकार ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए 9975 करोड़ रुपये दिए है।

शिक्षा

  • सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल को बढ़ावा दिया जाएगा। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रौद्योगिकी को बेहतर इस्तेमाल किया जाएगा।
  • शैक्षिक क्षेत्र के पुनरोद्धार और उन्नयन के लिए 1 लाख करोड़ रूपये आवंटित किए जाएंगे।
  • साल 2022 तक 50 प्रतिशत से अधिक एसटी जनसंख्या वाले प्रत्येक ब्लॉक में नवोदय विद्यालय की तर्ज पर एकलव्य विद्यालय होंगे।
  • साल 2022 तक ब्लैकबोर्ड को हटाकर डिजिटल बोर्ड स्कूलों मे लगाया जाएगा।
  • प्रधानमंत्री रिसर्च फैलोः सरकार प्रत्येक वर्ष 1000 बीटेक छात्रों की पहचान करेगी और आईआईटी व आईआईएससी में पीएचडी करने के लिए उन्हें सहायता प्रदान करेगी, उस समय एक सप्ताह में एक बार स्नातक छात्रों को पढ़ा सकते है।

स्वास्थ्य

  • आयुष्मान भारत कार्यक्रमः स्वास्थ्य सुविधाओं को घर के करीब लाने के लिए 1.5 लाख केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इस कार्यक्रम के लिए सरकार द्वारा 1200 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे।
  • तपेदिक रोगियों के लिए सरकार 600 करोड़ रुपये आवंटित करेगी और उपचार के दौरान 500 रूपये प्रतिमाह दिए जाएंगे।
  • जेटली ने प्रत्येक तीन संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के लिए एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना की घोषणा की है। इसमें 24 नए सरकारी मेडिकल कॉलेज भी शामिल है।
  • विश्व के सबसे बड़े सरकारी वित्त पोषित स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रम के तहत 50 करोड़ लोगों को अस्पताल मे भर्ती के लिए प्रति परिवार 5 लाख रुपये दिए जाएंगे।

सामाजिक सुरक्षा

  • प्रधानमंत्री जीवन बीमा योजना ने करीब 5.22 करोड़ परिवारों को फायदा पहुंचाया है।
  • प्रधानमंत्री जन धन योजना का विस्तार सरकार द्वारा किया जाएगा। सूक्ष्म बीमा और पेंशन योजनाओं के करीब 16 करोड़ खातों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।
  • सुकन्या समृद्धि योजना के तहत करीब 1.26 करोड़ खाते खोले जा चुके है।
  • अनुसूचित जातियों के लिए सामाजिक समावेश योजना – 52,719 करोड़ रूपए
  • अनुसूचित जनजातियों के लिए सामाजिक समावेशन योजना-39,139 करोड़ रुपए

सुक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई)

  • एमएसएमई क्षेत्र को पूंजीगत सहायता और ब्याज सब्सिडी के रूप में 3,794 करोड़ रुपये आवंटित किए गए है।
  • मुद्रा योजना के लिए 3 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया है

पेट्रोलियम/डीजल क्षेत्र

  • बिना ब्रांडेड वाले डीजल पर उत्पाद शुल्क में 2 रुपए से 6.33 रुपये/लीटर की कटौती की जाएगी।
  • गैर-ब्रांडेड पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क में 2 रुपये से 4.48 रुपये/लीटर तक कटौती की जाएगी।

कर्मचारी-केंद्रित योजनाएं

  • सरकार अगले 3 वर्षों के लिए सभी क्षेत्रों में ईपीएफ में नए कर्मचारियों की मजदूरी का 12% योगदान करेगी।
  • ईपीएफ में महिलाओं का योगदान पहले 3 वर्षों में 8% तक होगा।

आधारभूत संरचना

  • जेटली ने कहा कि भारत को बुनियादी ढांचा क्षेत्र विकसित करने के लिए 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश की आवश्यकता है।
  • पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सेरा पास में नई सुरंग का निर्माण किया जाएगा।
  • देश के 100 स्मार्ट शहरों में से 99 शहरों का चयन किया गया है, जिसमें 2.04 लाख करोड़ रुपये का परिव्यय है।
  • 10 प्रमुख पर्यटन स्थलों को निजी धन, विपणन और ब्रांडिंग के एकीकरण के साथ प्रतिष्ठित पर्यटक स्थलों में तब्दील किया जाएगा।

रेल

  • रेलवे में पूंजीगत व्यय 48 लाख करोड़ रुपये पर आंका गया है, जबकि ये पिछले वित्त वर्ष में 1.31 लाख करोड़ रूपये था।
  • मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग को हटाया जाएगा।
  • अधिकतर रेलवे स्टेशनों व रेलों को वाईफाई और सीसीटीवी कैमरो से युक्त किया जाएगा।
  • सरकार 2 वर्षों में ब्रॉड गेज में 4267 मानव रहित रेल क्रॉसिंग को खत्म करेगी।
  • मुंबई रेल नेटवर्क के लिए 11000 करोड़ रूपये व बेंगलुरू मेट्रो के लिए 17000 करोड़ रूपये आवंटित किए गए। 17000 करोड़ रुपये की लागत से बेंगलुरु में 150 किलोमीटर की अतिरिक्त उपनगरीय रेलवे नेटवर्क स्थापित की जाएगी।

अन्य क्षेत्र-

  • अरूण जेटली ने टैक्सटाइल क्षेत्र मे 7148 रूपये आवंटित किए।
  • कॉरपोरेट कंपनी के लिए यूनिक आईडी प्रदान करने के लिए सरकार एक योजना विकसित करेगी।
  • महात्मा गांधी के 150 साल के जन्मदिन को मनाने के लिए सरकार ने 150 करोड़ रुपये लगाए है।
  • जेटली ने राष्ट्रपति के लिए 5 लाख रुपये, उप राष्ट्रपति के लिए 4 लाख रुपये और राज्यपालों के लिए 3.5 लाख परिलब्धियां देने का ऐलान किया।
  • रक्षा व्यय चालू वर्ष में 2.67 करोड़ रूपये था जिसे सरकार ने बढ़ाकर 2018-19 के लिए 2.82 लाख करोड़ रुपये किया।

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