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    डोनाल्ड ट्रम्प

    अमेरिकी अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा कि “अमेरिकी और चीनी अधिकारीयों की टेलीफोन पर बातचीत के लिए शीर्ष  स्तरीय व्यापार वार्ता का कार्यक्रम तय करने के लिए कार्य कर रहे है। दोनों देशों के बीच व्यापार सम्बन्धी परेशानियाँ अभी भी जारी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीनी समकक्ष शी जिनपिंग की जापान में मुलाकात के एक हफ्ते बाद वार्ता शुरू करने के प्रयास किये जा रहे हैं।

    इस बार बीजिंग नरम रुख अपनाने का कोई संकेत नहीं दिखाया है। वाणिज्य मंत्रालय ने गुरुवार को घोषणा की कि “किसी भी संकल्प के लिए वाशिंगटन को पिछले साल चीनी आयात पर लगाए गए शुल्क को हटाने की जरुरत है। व्हाइट हाउस के आर्थिक सलाहकार लैरी कुडलो ने शुक्रवार को फॉक्स बिजनेस नेटवर्क को बताया कि “मुझे पता है कि वे आमने-सामने की बैठकों की तारीख के साथ आने पर काम कर रहे हैं और ऐसा ही होगा।”

    उन्होंने कहा कि “अगले सप्मुताह में मुलाकात संभव नहीं है। फोन कॉल इस सप्ताह होगा। उसके एक और सप्ताह बाद भी यह नहीं हो सकता है, लेकिन मैं उस वक्र से आगे नहीं जाना चाहता हूँ।” अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय के एक अधिकारी ने कहा कि “अगले सप्ताह के लिए शीर्ष वार्ताकारों के बीच फ़ोन पर बातचीत करने के प्रयास जारी है।”

    द साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने भी शुक्रवार को बताया कि “अगले हफ्ते बीजिंग में फिर से बातचीत शुरू होने वाली थी।” बीजिंग के साथ व्यापार वार्ता का सिलसिला माय से थमा हुआ है। जब ट्रम्प ने चीनी वार्ताकारों पर वार्ता के पूर्व महीनों में किए गए मुख्य प्रतिबद्धताओं से हटने का आरोप लगाया था।

    हालाँकि पिछले हफ्ते जापान में जी 20 समिट के मौके पर हुई बैठक में ट्रम्प ने चीनी दूरसंचार दिग्गज हुआवेई नरम रुख अपनाने पर सहमती व्यक्त की थी। अमेरिकी कंपनी के अधिकारियों का दावा है कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है।

    व्हाइट हाउस ने कहा कि इस सप्ताह अमेरिका में 5 जी वायरलेस नेटवर्क के विकास में हुआवेई की भागीदारी पर प्रतिबंध को हटाने का कोई इरादा नहीं है। चीन ने 60 अरब डॉलर के अमेरिकी उत्पादों पर अतिरिक्त शुल्क लगा दिया था जो 1 जून से प्रभावी होने थे। अमेरिका ने चीन के 200 अरब डॉलर के उत्पादों पर अतिरिक्त शुल्क बढ़ाने के निर्णय लिया था और बीजिंग ने इसका प्रतिकार किया है।

    By कविता

    कविता ने राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। वर्तमान में कविता द इंडियन वायर के लिए विदेशी मुद्दों से सम्बंधित लेख लिखती हैं।

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