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    रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण

    अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस इस समय भारत के दौरे पर हैं। भारतीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज उनसे मुलाकात की और भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ आतंकवाद पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित करते हुए भारतीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह स्पष्ट किया कि भारत युद्ध प्रभावित अफगानिस्तान में अपनी सेना नहीं भेजेगा। भारत के अफगानिस्तान में सेना भेजने की चर्चाओं को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस बयान से बल मिला था जिसमें उन्होंने कहा था कि अफगानिस्तान में शांति स्थापित करने और हालत सामान्य करने में भारत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

    रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारतीय सेना अफगानिस्तान की जमीन पर कदम नहीं रखेगी। उन्होंने कहा कि अन्य सभी तरीकों से भारत अफगानिस्तान के हालात सुधारने में मदद करता रहेगा। राजनयिक स्तर की बातचीत के बात भारतीय रक्षा मंत्री अपने अमेरिकी समकक्ष के साथ संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित कर रही थी। उन्होंने बताया कि भारत और अमेरिका आतंकवाद के मुद्दे पर एक-दूसरे के साथ खड़े हैं और आतंकवाद से जुड़े सभी पहलुओं पर एक सी राय रखते हैं। उन्होंने अफगानिस्तान में सभी मुमकिन तरीकों से शांति स्थापना को लेकर भारत की कटिबद्धता दोहराई पर अफगानिस्तान में भारतीय सेना की तैनाती की खबरों को नकार दिया।

    अफगानिस्तान पर अमेरिका ने की भारत के योगदान की प्रशंसा

    मुलाकात के दौरान अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्स पैटिस ने अफगानिस्तान के मसले पर भारत के रुख की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि युद्ध प्रभावित अफगानिस्तान के पुनर्निर्माण में भारत का योगदान सराहनीय है और इसे भुलाया नहीं जा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत अफगानिस्तान के हालातों को सुधारने के लिए चिकित्सा, शिक्षा के अतिरिक्त विकास की कई योजनाएं चला रहा है। यह एक अच्छे पड़ोसी और एक मित्रवत देश की पहचान होती है। उन्होंने आतंकवाद पर भी भारत के रुख का समर्थन करते हुए कहा कि आतंकवाद की सुरक्षित पनाहगाह बन चुके देशों को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने पर जोर

    अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस की इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के द्विपक्षीय सम्बन्द्धों को और मजबूत बनाने पर जोर दिया जाएगा। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच हुए द्विपक्षीय करारों और उनको लागू करने के विषय में बात की। जनवरी में डोनाल्ड ट्रम्प के अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद जेम्स मैटिस ट्रम्प सरकार के पहले मंत्री हैं जिन्होंने भारत का दौरा किया है। जेम्स मैटिस ने आतंकवाद पर भारत का पक्ष रखने और पकिस्तान की धरती से फल-फूल रहे आतंकवाद के मुद्दे को दुनिया के समक्ष उठाने का आश्वासन दिया। अमेरिकी रक्षा मंत्री अपने तीन दिवसीय दौरे पर कल शाम नई दिल्ली पहुँचे थे। वह आगामी दो दिनों तक सरकार के शीर्ष मंत्रियों से मिलेंगे और रक्षा क्षेत्र में अमेरिका-भारत संबंधों को नया आयाम देंगे।

    By हिमांशु पांडेय

    हिमांशु पाण्डेय दा इंडियन वायर के हिंदी संस्करण पर राजनीति संपादक की भूमिका में कार्यरत है। भारत की राजनीति के केंद्र बिंदु माने जाने वाले उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु भारत की राजनीतिक उठापटक से पूर्णतया वाकिफ है।मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक करने के बाद, राजनीति और लेखन में उनके रुझान ने उन्हें पत्रकारिता की तरफ आकर्षित किया। हिमांशु दा इंडियन वायर के माध्यम से ताजातरीन राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर अपने विचारों को आम जन तक पहुंचाते हैं।