मंगलवार, दिसम्बर 10, 2019

अमेरिका को चुनौती देने के लिए चीन चार एयरक्राफ्ट के निर्माण की बना रहा योजना

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कविता
कविता ने राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। वर्तमान में कविता द इंडियन वायर के लिए विदेशी मुद्दों से सम्बंधित लेख लिखती हैं।

अंतर्राष्ट्रीय जल पर बढ़ते तनाव को देखते हुए चीन ने छह एयरक्राफ्ट को तैनात करने को योजना बनाई है इनमे चार परमाणु क्षमता के होंगे। यह साल 2035 तक होगा जो अमेरिका को चुनौती दे सकता है। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक चीन अपनी सेना में सुधार के लिए हाई मोड पर है। चीन ने अपने महत्वकांक्षी नौसैन्य लक्ष्य को सेट कर दिया है।

पीपल लिब्रेशन आर्मी नेवी में जोड़-तोड़ किया जा रहा है। चीन की एयरक्राफ्ट की योजना से अमेरिका को खाई में रखने के संकेत मिल रहे हैं। चीन के समक्ष मौजूदा समय मे एक एयरक्राफ्ट है और अप्रैल, 2017 में एक अन्य का निर्माण किया था। विवादित दक्षिणी चीनी सागर में चीन कई द्वीपों पर अपने अधिकार का दावा करता है जिसका के देश विरोध करते हैं। बीजिंग के एयरक्राफ्ट की तैनाती विवादित दक्षिणी चीनी सागर में भी हो सकती है। चीन के परमाणु युक्त हथियार साल 2035 में नौसेना में प्रवेश कर सकते हैं।

नौसैन्य जानकर ने बताया कि चीन के छह एयरक्राफ्ट में से चार ही फ्रंट लाइन पर कार्य करेंगे। चीन ने अपनी नौसेना के आधुनिकरण करने की जरूरत समझी है, ताकि व्यापार मार्ग को सुरक्षित और अंतर्राष्ट्रीय जल में शांति कायम की जा सके। चीन का दावा है कि उनकी सेना शांति चाहती है और अंतर्राष्ट्रीय जल में निगरानी के मकसद से गश्त करती हैं। अमेरिका और जापान सहित सभी देश चीन के दावे को अस्वीकार करते हैं और उनके मुताबिक चीन आक्रमक रणनीति अख्तियार कर रहा हैं।

चीनी जानकर ने कहा कि चीन में अभी आर्थिक मंदी का दौर चल रहा है और हम इसी खर्च में नौसेना के आधुनिकरण के खर्च को मुहैया कर रहे हैं ताकि यह प्रक्रिया जारी रहे। चीन ने अपनी थल सेना में 50 फीसदी की कमी की है। 20 लाख से ज्यादा सैनिक नौसेना और वायु सेना में बढ़ाये हैं। रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रपति शी जिनपिंग अपनी सैन्य व्यवस्था में सुधार करना चाहते है और उसे आधुनिक बनाने पर जोर दे रहे हैं।

वायु सेना और नौसेना के लिए हथियारों की खरीद और आधुनिकीकरण पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। इस रिपोर्ट के अनुसार पीएलए के 30 फीसदी अधिकारियों को भी कम कर दिया है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पिछले पांच सालों में  तीन लाख सैनिकों को कम कर दिया है। इसके बावजूद चीनी सेना दुनिया की सबसे बड़ी सेना है।चीन की सेना की पांच शाखाये हैं, वो थल सेना, वायु सेना, जल सेना , स्ट्रेटेजिक सपोर्ट फ़ोर्स और स्ट्रेटेजिक एंड टैक्टिकल मिसाइल ऑपरेटर शुमार है।

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