दा इंडियन वायर » समाचार » अनुपम खेर ने कॉमेडियन हसन मिन्हाज को कश्मीर मुद्दे पर दी कड़ी प्रतिक्रिया
मनोरंजन समाचार

अनुपम खेर ने कॉमेडियन हसन मिन्हाज को कश्मीर मुद्दे पर दी कड़ी प्रतिक्रिया

अनुपम खेर ने कॉमेडियन हसन मिन्हाज को कश्मीर मुद्दे पर दी कड़ी प्रतिक्रिया

अनुपम खेर ने कॉमेडियन हसन मिन्हाज के हालिया एपिसोड पर प्रतिक्रिया व्यक्त की, जहाँ उन्होंने कश्मीर और धारा 370 को खत्म करने के ऊपर बात की थी। खेर ने मिन्हाज से अनुरोध किया कि वह उनका वीडियो देखें जहां वह कश्मीरी पंडितों के बारे में बात कर रहे हैं और कैसे उन्हें 26 साल पहले कश्मीर में अपना घर छोड़ना पड़ा था।

उन्होंने वीडियो में कहा, “मैं एक कश्मीरी पंडित हूँ। भारतीयता की भावना का सच्चे मन से विश्वास करने वाला, शांतिप्रिय और धर्मनिरपेक्ष, शिक्षित, अहिंसक, कानून का पालन करने वाला देशभक्त नागरिक। मुझे 26 साल पहले अपने घर से बाहर निकाल दिया गया था। यह मेरी कहानी है। 1989 तक, पूरे कश्मीर में आतंकवादी थे और राज्य सरकार ने अपनी सभी जिम्मेदारियों को छोड़ दिया था। कोई प्रशासन या कानून नहीं था।” इसके बाद उन्होंने 1990 के कश्मीरी पंडितों के पलायन की स्थिति के बारे में बात की। वीडियो 2016 में उनके द्वारा दिए गए साक्षात्कार का एक टीज़र क्लिप है।

वीडियो साझा करते हुए, खेर ने लिखा-“डियर  @hasanminhaj मुझे आपका एक्ट पसंद आया। ख़ुशी महसूस हुई कि भारत में जन्मा इंसान इतने दर्शको को प्रभावित कर रहा है। आपका नवीनतम क्लिप और कश्मीर को लेकर आपकी चिंता देखी। चाहूंगा कि आप कश्मीर के बारे में दूसरी सच्चाई देखे। ये हिंदी में है। उम्मीद है कि आपको समझ आएगा। धन्यवाद।”

हाल ही में, भारत सरकार ने जम्मू और कश्मीर से धारा 370 को रद्द कर दिया था। घोषणा किए जाने से पहले, राज्य से संचार के सारे रास्ते बंद कर दिए गए थे।

मिन्हाज ने अपने आगामी एपिसोड से एक क्लिप साझा किया जहां वह कश्मीर और धारा 370 के बारे में बात कर रहे हैं। उन्होंने ट्वीट किया-“जैसा कि भारत अपनी स्वतंत्रता का जश्न मना रहा है, आइए उन लोगों के बारे में सोचें जिनके पास स्वतंत्रता दिखती नहीं हैं।”

उन्होंने वीडियो में कहा था-“भारत के स्वतंत्रता दिवस पर, मैं कश्मीर के लोगों के बारे में सोच रहा हूँ, जो अपनी स्वतंत्रता के लिए लड़ रहे हैं। कश्मीर यह है … वे भारत और पाकिस्तान के बीच इस हिरासत की लड़ाई में रहे हैं। वे दोनों देशों द्वारा इस्तेमाल किया गया यह राजनीतिक मोहरा हैं और मैं वास्तव में इस स्वतंत्रता दिवस पर सोचता हूँ, हमें कश्मीर के लोगों के बारे में सोचना चाहिए। 80 लाख से ज्यादा लोग जो वहां रहते हैं।”

 

About the author

साक्षी बंसल

पत्रकारिता की छात्रा जिसे ख़बरों की दुनिया में रूचि है।

Add Comment

Click here to post a comment

फेसबुक पर दा इंडियन वायर से जुड़िये!

Want to work with us? Looking to share some feedback or suggestion? Have a business opportunity to discuss?

You can reach out to us at [email protected]