Sat. Jun 3rd, 2023

    आज संसद भवन में प्रधान नरेन्द्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की याद में 100 रूपए का सिक्का जारी किया है। यह सिक्का उनके 94वें जन्मदिन के ठीक पहले जारी किया गया है। 100 रूपए का सिक्का भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेताओं जैसे लालकृष्ण आडवाणी, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, वित्त मंत्री अरुण जेटली और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में जारी किया गया।

    सिक्के की विशेषताएं एवं रूप :

    • इस सिक्के में एक तरफ वाजपेयी जी का चित्र अंकित है जिसके साथ उनका नाम देवनागरी लिपि एवं अंग्रेजी में भी लिखा हुआ है। इस तस्वीर के नीचे अटल जी के जन्म का एवं मृत्यु का साल अंकित है।
    • इस सिक्के में दूसरी तरफ अशोक स्तंभ का निशान है जिसके नीचे सत्यमेव जयते लिखा हुआ है। इसी सिरे पर एक तरफ देवनागरी में भारत लिखा है, जबकि दूसरी ओर अंग्रेजी में इंडिया अंकित है।
    • इस सिक्के का वजन 35ग्राम है एवं यह सिक्का 50 प्रतिशत चांदी, 40 प्रतिशत ताम्बे,5 प्रतिशत निक्केल एवं 5 प्रतिशत जस्ते से बना है।

    सिक्के के उद्घाटन के मोके पर मोदीजी का बयान :

    इस आयोजन पर पीएम मोदी ने कहा कि वह मंगलवार को वाजपेयी जी के स्मारक पर जाएंगे और राजनेता द्वारा दिखाई गयी विचारधारा और पथ के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराएंगे। “अटल जी चाहते थे कि लोकतंत्र सर्वोच्च हो। उन्होंने जनसंघ का निर्माण किया। लेकिन, जब हमारे लोकतंत्र को बचाने का समय आया तो वे और अन्य लोग जनता पार्टी में चले गए। इसी तरह, जब चुनाव सत्ता में रहने या विचारधारा में शामिल होने के बीच चुनने का वक्त आया, तो उन्होंने जनता पार्टी छोड़ दी एवं भारतीय जनता पार्टी का गठन किया। 

    अटल बिहारी वाजपेयी के बारे में कुछ जानकारी :

    पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन पर 25 दिसंबर को हर साल ‘सुशासन दिवस’ मनाया जाता है। वाजपेयी को 2014 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। तीन बार देश के प्रधानमंत्री बने वाजपेयी का इसी साल 16 अगस्त को 93 साल की उम्र में निधन हो गया।

    अटल बिहारी वाजपेयी को दिए गए सम्मान :

    हिमालय की चार चोटियों के नाम भी उनके नाम पर रखे गए। छत्तीसगढ़ के नए रायपुर का नाम अटल नगर रखा गया।इसके अलावा उत्तराखंड सरकार ने देहरादून एयरपोर्ट का नाम बदलकर अटलजी के नाम पर रखा। उधर, उत्तरप्रदेश सरकार ने भी लखनऊ में हजरतगंज चौराहे का नाम बदलकर अटल चौक रखने का फैसला किया।

    By विकास सिंह

    विकास नें वाणिज्य में स्नातक किया है और उन्हें भाषा और खेल-कूद में काफी शौक है. दा इंडियन वायर के लिए विकास हिंदी व्याकरण एवं अन्य भाषाओं के बारे में लिख रहे हैं.

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