शनिवार, जनवरी 18, 2020

अजय देवगन ने साझा किया अपनी पहली स्पोर्ट्स बायोपिक का शीर्षक-‘मैदान’

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साक्षी बंसल
पत्रकारिता की छात्रा जिसे ख़बरों की दुनिया में रूचि है।

अजय देवगन जिन्हें आखिरी बार तब्बू और रकुल प्रीत सिंह के साथ फिल्म ‘दे दे प्यार दे’ में देखा गया था, आखिरकार अपनी पहली स्पोर्ट्स-ओरिएंटेड फिल्म में नजर आयेंगे। फिल्म सैयद अब्दुल रहीम के इर्द-गिर्द घूमेगी, जिन्हें भारतीय फुटबॉल का जनक माना जाता है। अजय देवगन इस अमित शर्मा के निर्देशन में उन्ही की भूमिका निभाएंगे और ये उनकी पहली भूमिका है जहाँ उन्हें एक विशेष कौशल प्राप्त करते हुए 60 वर्ष की आयु तक बढ़ने की आवश्यकता है।

हालांकि फिल्म के संबंध में कोई अन्य विवरण नहीं था, अजय देवगन ने अपने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि फिल्म की शूटिंग आज अपने शीर्षक ‘मैदान’ के साथ शुरू हो रही है। फिल्म भारतीय फुटबॉल टीम के सुनहरे वर्षों के आसपास आधारित होगी और प्रशंसकों में बॉलीवुड सुपरस्टार अजय को इस तरह की अपरंपरागत भूमिका निभाते हुए देखने के लिए बहुत उत्साह भरा हुआ हैं।

खेल बायोपिक सैयद अब्दुल रहीम की यात्रा दर्शाएगी, जिनके नेतृत्व में भारतीय फुटबॉल टीम ने 1951 और 1962 में एशियाई खेलों में जीत हासिल की थी। सैयद अब्दुल रहीम का जन्म 1909 में हैदराबाद शहर में हुआ था। उन्हें 1950 में भारतीय फुटबॉल टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया गया था। अगले साल, सैयद ने एशियाई खेलों में 1951 में स्वर्ण पदक जीतने के लिए टीम का नेतृत्व किया, इस प्रकार उनकी प्रतिभा साबित हुई। अगले कुछ वर्षों में, उन्होंने और उनकी टीम ने कई अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट जीते।

लेकिन यह 1956 के मेलबर्न ओलंपिक में भारतीय फुटबॉल टीम का खेल था जिसने सभी का ध्यान टीम की तरफ खींचा। टीम ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। हालांकि वे सेमीफाइनल में हार गए, लेकिन इसे फुटबॉल में भारत की सबसे बड़ी उपलब्धि माना जाता है। 1962 के एशियाई खेलों में, सैयद अब्दुल रहीम, जो कैंसर से जूझ रहे थे, ने फाइनल जीतने के लिए अपनी टीम का मार्गदर्शन किया।

फिल्म का निर्माण बोनी कपूर करेंगे। निर्माता ने कहा कि वह आश्चर्यचकित थे कि कई लोग रहीम और भारतीय फुटबॉल में उनके योगदान से अवगत नहीं हैं। उन्हें उम्मीद है कि फिल्म युवाओं को फुटबॉल खेलने के लिए प्रेरित करेगी और एक दिन भारत को विश्व कप जीतने में मदद करेगी।

 

 

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