शनिवार, जनवरी 18, 2020

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में चीनी की कीमतों में आई तेजी, भारतीय चीनी मलों ने किए 28 लाख टन चीनी निर्यात के सौदे

Must Read

नाभिकीय भौतिकी क्या है?

नाभिकीय भौतिकी भौतिकी का क्षेत्र है जो परमाणु नाभिक का अध्ययन करता है। दूसरे शब्दों में, नाभिकीय भौतिकी नाभिक...

परमाणु भौतिकी क्या है?

परमाणु भौतिकी का परिचय (Introduction to Atomic Physics) परमाणु ऊर्जा परमाणु रिएक्टरों और परमाणु हथियारों दोनों के लिए शक्ति का...

राष्ट्रीय एकता पर निबंध

राष्ट्रीय एकता का महत्व: राष्ट्रीय एकता लोगों के बीच उनके जाति, पंथ, धर्म या लिंग के बावजूद बंधन और एकजुटता...

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में चीनी के दाम में आई तेजी से भारतीय चीनी मिलों को फायदा मिला है, क्योंकि देश से चीनी की निर्यात मांग बढ़ी है और अब तक 28 लाख टन चीनी निर्यात के सौदे हो चुके हैं। चीनी की निर्यात मांग बढ़ने से घरेलू बाजार में भी चीनी की कीमतों में तेजी आई है।

नये साल में चीनी के दाम में करीब 100 रुपये प्रति कुंटल की तेजी आई है।

उद्योग संगठन नेशनल फेडरेशन ऑप को-ऑपरेटिव शुगर फैक्टरीज (एनएफसीएसएफ) का अनुमान है कि इस साल चीनी निर्यात का लक्ष्य 60 लाख टन पूरा हो जाएगा।

एनएफसीएसएफ के प्रबंध निदेशक प्रकाश नाइकनवरे का कहना है कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में चीनी की कीमतों में तेजी आने से निर्यात मांग बढ़ी है, जिसे देखते हुए लगता है कि इस साल सरकार द्वारा तय चीनी निर्यात का कोटा 60 लाख टन पूरा हो जाएगा।

केंद्र सरकार ने चालू सीजन 2019-20 में अधिकतम स्वीकार्य निर्यात कोटा (एमएईक्यू) के तहत घरेलू चीनी मिलों के लिए 60 लाख टन चीनी निर्यात का कोटा तय किया है। पिछले साल 2018-19 में सरकार ने न्यूनतम सांकेतिक निर्यात कोटा (एमआईईक्यू) के तहत 50 लाख टन चीनी निर्यात का कोटा निर्धारित किया था, जिसमें से 38 लाख टन चीनी का निर्यात हुआ था।

नाइकनवरे ने कहा कि एक अक्टूबर से शुरू हुए चालू शुगर सीजन यानी चीनी उत्पादन व विपणन वर्ष 2019-20 (अक्टूबर) के अभी चार महीने भी पूरे नहीं हुए हैं, लेकिन 28 लाख टन चीनी निर्यात के सौदे हो चुके हैं और वैश्विक स्तर पर चीनी की आपूर्ति मांग के मुकाबले कम होने से आगे कीमतों में तेजी बनी रहेगी, जिससे घरेलू मिलों को चीनी निर्यात से फायदा मिलेगा।

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्ची चीनी के दाम में बीते तकरीबन तीन महीनों में 18 फीसदी की तेजी आई और सफेद चीनी के दाम में नौ फीसदी से ज्यादा की तेजी आई है, जिससे भारतीय चीनी मिलों को निर्यात में फायदा मिलने लगा है।

यूएस शुगर-11 का भाव सोमवार को 14 सेंट प्रति पाउंड से ऊपर था और लंदन शुगर का भाव भी बीते सत्र में 376.80 डॉलर प्रति टन पर बंद हुआ था।

नाइकनवरे ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में चीनी के मौजूदा भाव के अनुसार, भारत में चीनी मिलों को सफेद चीनी का एक्स मिल भाव तकरीबन 2,300 रुपये प्रति कुंटल, जबकि कच्ची चीनी का भाव करीब 2,100 रुपये प्रति कुंटल मिल रहा है। इसके बाद सरकार द्वारा एमएईक्यू स्कीम के तहत दिया जा रहा 1045 रुपये प्रति कुंटल का प्रोत्साहन जोड़ दिया जाए तो सफेद चीनी का भाव 34,00 रुपये प्रति कुंटल से ज्यादा हो रहा है, जोकि मौजूदा घरेलू भाव से अधिक है।

दिल्ली के चीनी कारोबारी सुशील कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश में पुरानी चीनी का एक्स मिल रेट इस समय 3,280-3,300 रुपये प्रति कुंटल है, जबकि नई चीनी का एक्स-मिल रेट 3,250-3,290 रुपये प्रति कुंटल है। उन्होंने बताया कि इस महीने चीनी के दाम में करीब 80-100 रुपये प्रति कुंटल की तेजी आई है।

उन्होंने बताया कि “सरकार ने 31 दिसंबर तक किन चीनी मिलों ने कितना चीनी निर्यात किया है, इसका ब्योरा मांगा है। सरकार ने 530 चीनी मिलों के लिए 60 लाख टन चीनी निर्यात का कोटा तय किया। इनमें कुछ मिलों ने कुछ भी निर्यात नहीं किया है या वे निर्यात नहीं करना चाहते हैं। ऐसे में उनका कोटा लेकर उन मिलों को दिया जाएगा, जो निर्यात करना चाहती हैं।”

उन्होंने बताया कि इस साल 30 सितंबर तक 60 लाख टन चीनी का निर्यात होने के बाद क्लोजिंग स्टॉक 100 लाख टन से नीचे आ जाएगा।

एनएफसीएसएफ के अनुमान के अनुसार, चालू सीजन में चीनी का उत्पादन 263 लाख टन है, जबकि पिछले साल का बकाया स्टॉक 145 लाख टन है। इस प्रकार कुल आपूर्ति 408 लाख टन है। इसमें से 60 लाख टन निर्यात और करीब 260 लाख टन घरेलू खपत निकालने के बाद बकाया स्टॉक 88 लाख टन बचेगा। इसमें से 40 लाख टन का बफर स्टॉक रहेगा।

- Advertisement -

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Latest News

नाभिकीय भौतिकी क्या है?

नाभिकीय भौतिकी भौतिकी का क्षेत्र है जो परमाणु नाभिक का अध्ययन करता है। दूसरे शब्दों में, नाभिकीय भौतिकी नाभिक...

परमाणु भौतिकी क्या है?

परमाणु भौतिकी का परिचय (Introduction to Atomic Physics) परमाणु ऊर्जा परमाणु रिएक्टरों और परमाणु हथियारों दोनों के लिए शक्ति का स्रोत है। यह ऊर्जा परमाणुओं...

राष्ट्रीय एकता पर निबंध

राष्ट्रीय एकता का महत्व: राष्ट्रीय एकता लोगों के बीच उनके जाति, पंथ, धर्म या लिंग के बावजूद बंधन और एकजुटता है। यह एक देश में...

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को दिए निर्देश, संविधान को पाठ्यक्रम में शामिल करने पर 3 महीने में ले फैसला

देश के प्रत्येक तहसील में एक केंद्रीय विद्यालय खोलने और प्राइमरी स्कूल के पाठ्यक्रम में भारतीय संविधान को शामिल करने की मांग वाली याचिका...

पाकिस्तान : कट्टरपंथी संगठन के 86 सदस्यों को आतंकवादी रोधी अदालत ने सुनाई 55-55 साल कैद की सजा

पाकिस्तान के रावलपिंडी में एक आतंकवाद रोधी अदालत ने कट्टरपंथी संगठन तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) के 86 सदस्यों व समर्थकों को कुल मिलाकर 4738 साल...
- Advertisement -

More Articles Like This

- Advertisement -