क्रिकेट के टी-20 प्रारूप में, फिल्डिंग को अत्यधिक महत्व दिया जाता है। एक अच्छा कैच और एक ड्रॉप कैच मैच के परिणाम को बदल सकता है। खेल के इस छोटे प्रारूप में मैच जीतने के लिए फिल्डिंग एक महत्वपूर्ण तत्व है, उसके बाद बल्लेबाजी आती है। मौजूदा इंडियन प्रीमियर लीग सीजन में फिल्डिंग कई टीम के लिए एक बड़ा चिंता का विषय रही है और कई खिलाड़ियो ने खुद की कप्तानी में भी एक कमजोर फिल्डिंग का नमूना दिखाया है।
जोफ्रा आर्चर ने एक ही मैच में तीन कैच टपकाए थे
राजस्थान रॉयल्स (आरआर) के स्टार तेज गेंदबाज कैच टपकाने की सूची में दूसरे स्थान पर आते है और उन्होने इस सीजन में अबतक तीन कैच छोड़े है। वेस्टइंडीज के पैदाईश वाले खिलाड़ी जिनका इस विश्वकप में इंग्लैंड के लिए खेलना मुश्किल है। उन्होने 6 कैचो में से तीन कैच ड्रॉप किए है और यह तीनो कैच उन्होने मुंबई इंडियंस के खिलाफ एक ही मैच में छोड़े है। आर्चर की रूपांतरण दर औसत 50 प्रतिशत है।
सनराइजर्स हैदराबाद के स्टाइलिश बल्लेबाज युसूफ पठान ने भी अपने दो मौको पर दोनो कैच गंवाए है। कोलकाता नाइट राइडर्स के कीवी गेंदबाज लॉकी फर्ग्यूसन ने भी आरआर के कृष्णप्पा गौथम की तरह ही दो कैच टपकाए है।
दिल्ली कैपिटल्स की टीम के ओपनर बल्लेबाज, जो बल्ले के साथ एक अच्छे फॉर्म में चल रहे है उन्होने अपने तीन कैचो में से 1 कैच पकड़ा है और उनका रुपांतरण रेट 33 प्रितिशत है।