Thu. Feb 27th, 2025
    टैंकर हमलाAn oil tanker is on fire in the sea of Oman, Thursday, June 13, 2019. Two oil tankers near the strategic Strait of Hormuz were reportedly attacked on Thursday, an assault that left one ablaze and adrift as sailors were evacuated from both vessels and the U.S. Navy rushed to assist amid heightened tensions between Washington and Tehran. (AP Photo/ISNA)

    तेहरान, 5 जुलाई (आईएएनएस)| ईरान ने एक ईरानी तेल टैंकर को अवैध रूप से जब्त किए जाने की शिकायत करने के लिए यहां ब्रिटेन के राजदूत को समन भेजा है। बीबीसी की गुरुवार की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन की रॉयल मरीन्स ने उन सबूतों के आधार पर जिब्राल्टर में टैंकर को जब्त करने में अधिकारियों की मदद की कि टैंकर यूरोपीय संघ (ईयू) के प्रतिबंधों को तोड़कर सीरिया की तरफ बढ़ रहा था।

    स्पेन के कार्यवाहक विदेश मंत्री ने कहा कि जहाज ग्रेस-1 को अमेरिका के निवेदन पर जब्त किया गया है।

    ईरानी विदेश विभाग के एक प्रवक्ता इस कार्रवाई को एक प्रकार की चोरी बताया।

    वहीं इंग्लैंड के विदेश विभाग ने इस आरोप को ‘बकवास’ बताते हुए खारिज कर दिया।

    जिब्राल्टर बंदरगाह और लॉ इनफोर्समेंट की एजेंसियों ने गुरुवार सुबह नौसेना की मदद से सुपर टैंकर और उसके कारगो को जब्त किया था।

    बीबीसी के अनुसार, 42 कमांडों में से लगभग 30 नौसैनिकों का एक दल जिब्राल्टर सरकार के आग्रह पर सहायता करने के लिए इंग्लैंड से जिब्राल्टर के लिए रवाना हुआ था।

    रक्षा विभाग के एक सूत्र ने इसे कोई बड़ी घटना के बजाय अपेक्षाकृत छोटा अभियान बताया।

    ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्बास मौसवी के हवाले से हालांकि बाद में कहा गया कि तेहरान में इंग्लैंड के प्रवक्ता रॉबर्ट मैक्केयर को टैंकर को अवैध रूप से जब्त करने के लिए समन भेजा गया है।

    By पंकज सिंह चौहान

    पंकज दा इंडियन वायर के मुख्य संपादक हैं। वे राजनीति, व्यापार समेत कई क्षेत्रों के बारे में लिखते हैं।

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *