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हिमाचल प्रदेश चुनाव : कांग्रेस के हाथ से फिसल ना जाए बिलासपुर सीट

गुजरात विधानसभा चुनाव
बिलासपुर में वर्तमान विधानसभा में भाजपा का शासन भले ही ना हो, लेकिन मोदी के यहां एम्स की आधारशिला रखने से यहां भाजपा को फायदा होने वाला है।

हिमाचल प्रदेश के चुनाव में हर एक सीट को लेकर सभी दलों में कोहराम मचा हुआ है। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में भारतीय जनता पार्टी ने इस विधानसभा सीट के लिए एक ऐसी चाल चल दी है जिससे कांग्रेस के लिए मुश्किलें खड़ी हो गयी है। भाजपा ने चुनावी प्रचार-प्रसार के दौरान बिलासपुर को महत्वपूर्ण स्थान दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिलासपुर में एम्स की आधारशिला रखकर यहां की राजनीति को तीव्रता दे दी है। इस सीट पर कांग्रेस और बीजेपी की जोरदार टक्कर होने की उम्मीद लगाई जा रही है।

क्यों हुई कांग्रेस के लिए मुश्किल

बिलासपुर सीट से कांग्रेस की दावेदारी काफी मजबूत मानी जा रही थी क्योंकि कांग्रेस के बम्बर ठाकुर ने 2012 विधानसभा चुनावों में जेपी नड्डा को इसी सीट से हराया था। इस जीत के कारण कांग्रेस और वर्तमान विधायक बम्बर ठाकुर के हौंसले बुलंद लग रहे थे। भाजपा ने इस सीट को बचाने के लिए एक राजनीतिक पैंतरा चल दिया है। 3 अक्टूबर को पीएम मोदी ने बिलासपुर में एम्स की आधारशिला रखी थी। बीजेपी के इस कदम से बिलासपुर के चुनाव में काफी हलचल मच गयी है।

बीजेपी देगी कड़ी टक्कर

बिलासपुर में वर्तमान विधानसभा में भाजपा का शासन भले ही ना हो, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के यहां एम्स की आधारशिला रखने से यहां भाजपा को फायदा होने वाला है। कांग्रेस के नुकसान की वजह बम्बर के विवाद भी हो सकते है। बम्बर के ऊपर सरकारी कर्मचारी की पिटाई का आरोप लग चुका है। कुछ ही समय पहले कांग्रेस के ही एक क्षेत्रीय नेता ने उन पर घोटालों का आरोप लगाकर बम्बर के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी है। बम्बर के बेटे अनिल पर भी क्षेत्र में गुंडागर्दी करने का आरोप है। शायद यही वजहें हो सकती है कि इस चुनाव में बम्बर का इस सीट से पत्ता कट जाए।

ब्राह्मण और राजपूत लिखते है किस्मत

हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर की विधानसभा सीट संख्या-48 हैं। हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र और और बिलासपुर जिले के अंतर्गत आने वाले इस विधानसभा क्षेत्र की कुल आबादी 2011 की जनगणना के मुताबिक 1,22,630 थी। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव के दौरान यहां 75,360 लोगों ने मतदान किया था। इस जिले में भाखड़ा नांगल डैम होने के कारण यह स्थान विश्व-प्रसिद्ध है।

बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र को राजनीतिक पृष्ठभूमि के लिहाज से यह क्षेत्र राजपूत बाहुल्य क्षेत्र है। बिलासपुर विधानसभा सीट में ब्राह्मण और राजपूत समुदाय ने कई नए नेताओं की किस्मत बनाई और सँवारी है। बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र में 1967 के बाद से हुए अब तक 11 चुनाव हुए है, जिसमें 5 बार कांग्रेस और 5 बार बीजेपी को जीत हासिल हुई थी।

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