सुरक्षा परिषद में उत्तर कोरिया ने कहा: सबसे शक्तिशाली परमाणु और सैन्य देश बनेगा

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उत्तर कोरिया
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उत्तर कोरिया के इरादे काफी खतरनाक दिख रहे है। उत्तर कोरिया ने साफ तौर पर संकेत दिए है कि वो भविष्य में सबसे शक्तिशाली परमाणु हथियारों वाला और सैन्य सम्पन्न देश बन जाएगा। इस बात की पुष्टि खुद उत्तर कोरिया के अधिकारी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में दी है।

उत्तर कोरिया ने वैश्विक समुदाय को चुनौती देते हुए कहा है कि वो निरंतर आगे बढ़ेगा और दुनिया का सबसे शक्तिशाली परमाणु और सैन्य देश बन जाएगा।

गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सुरक्षा परिषद को चेतावनी दी थी कि कोरियाई प्रायद्वीप पर वर्तमान में सबसे तनावपूर्ण, अशांति व सुरक्षा संबंधी समस्या मौजूद है। इस बयान के बाद ही उत्तर कोरिया ने शुक्रवार को परमाणु कार्यक्रमों के प्रति अपनी महत्वाकांक्षा को बता दिया।

उत्तर कोरिया दो मोर्चों पर आगे बढ़ेगा

उत्तर कोरिया के स्थायी प्रतिनिधि जा सोंग-नाम ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को सत्र के दौरान बताया कि उत्तर कोरिया लगातार आगे बढ़ेगा और सबसे शक्तिशाली परमाणु और सैन्य देश के रूप में दो मोर्चों के साथ विकास को निरंतर आगे बढ़ाएगा।

गौरतलब है कि ये सत्र सुरक्षा परिषद में उत्तर कोरिया परमाणु व मिसाइल कार्यक्रमों से खतरे को लेकर ही था। उत्तर कोरिया के द्वारा दो मोर्चों के उल्लेख करने का उद्देश्य सैन्य क्षमताओं व इसके साथ अर्थव्यवस्था को बढ़ाना है। हालांकि दोनों ही मोर्चे पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की वजह से उत्तर कोरिया कमजोर है।

दुनिया को खतरा नहीं होगा बशर्ते हमें खतरा नहीं हो

हालांकि दुनिया का सबसे शक्तिशाली सैन्य और परमाणु राज्य बनने की ओर अग्रसर होने का दावा करते हुए जा सोंग-नाम ने कहा कि उत्तर कोरिया किसी भी देश और क्षेत्र के लिए कोई खतरा उत्पन्न नहीं करेगा, बशर्ते उसके हितों की रक्षा की जाए।

इस बयान से संकेत मिलते है कि उत्तर कोरिया परमाणु मिसाइलों का प्रयोग उसी देश के खिलाफ करेगा जो उसे परेशान करे व खतरा उत्पन्न करे। सुरक्षा परिषद की बैठक के दौरान उत्तर कोरिया प्रतिनिधि जा सोंग-नाम मिसाइल प्रौद्योगिकी प्रसार के बारे में काफी चुप थे।

अमेरिकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन पहले चेतावनी देते हुए कहा कि प्योंगयांग के साथ खुले संचार की वार्ता के सभी विकल्प मेज पर है। आगे कहा कि अमेरिका अपने देश की रक्षा के लिए आवश्यक सभी उपायों का उपयोग करेगा।

बाद में पत्रकारों से बात करते हुए टिलरसन ने कहा कि वाशिंगटन प्योंगयांग से बातचीत के लिए किसी तरह की शर्ते स्वीकार नहीं करेगा।