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    सऊदी अरब में महिलाओं को गाड़ी चलाने

    सऊदी अरब प्रशासन ने महिलाओं पर लगे प्रतिबंधों में ढील देते हुए देश की महिलाओं को गाड़ी चलाने की अनुमति दे दी है। सऊदी अरब इकलौता ऐसा देश था जहाँ महिलाओं को यह अनुमति नहीं थी।

    सऊदी अरब के अमेरिका में दूत प्रिंस खालिद ने कहा, ‘हमारे राज्य में यह एक ऐतिहासिक दिन है।’

    महिलाओं के पक्ष में किये गए इस फैसले की विश्व भर में प्रशंसा की गयी।

    सऊदी अरब के मौजूदा राजा प्रिंस मोहम्म्मद बिन सलमान के राज में यह महिलाओं के लिए किया गया सबसे बड़ा फैसला है। इस कानून को पारित करने के लिए एक समिति का गठन किया गया है। इसके बाद सरकार 24 जून 2018 तक इस सन्दर्भ में क़ानून बना सकता है।

    इस फैसले की वजह से सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था में भी मजबुती देखने को मिलेगी क्योंकि देश के एक बड़े महिलाओं के वर्ग को काम करने में आसानी होगी। सूत्रों के मुताबिक सऊदी अरब के राजा 2030 तक देश की अर्थव्यवस्था को बहुत मजबुती देना चाहते हैं।

    ऐतिहासिक फैसला

    विदेश मंत्री सलमान ने इसे मिशन 2030 का हिस्सा बताते हुए एक ऐतिहासिक फैसला बताया है। उन्होंने कहा, ‘हम देश के कर्मचारियों में महिलाओं के सहयोग को बढ़ावा देना चाहते हैं। ऐसा करने के लिए यह जरूरी है कि सभी महिलाएं गाड़ी चलाकर अपने काम पर जाएँ। हम चाहते हैं कि वे आगे बढ़ें और देश के विकास में योगदान दें।’ विदेश मंत्री सलमान मौजूदा राजा के बेटे हैं।

    इसे किसी तरह का धार्मिक फैसला होने पर उन्होंने कहा, ‘यह कोई धार्मिक या सांप्रदायिक मामला नहीं है। प्राचीन समय में भी महिलाएं ऐसा किया करती थी। इस फैसले के लिए इससे सही समय नहीं हो सकता था।’

    इससे सिर्फ कुछ दिन पहले सरकार ने यह फैसला किया था कि देश की महिलाएं खेल के मैदान में आकर प्रतियोगिता का आनंद उठा सकती है। यह भी देश के इतिहास में पहली बार हो रहा है।

    By पंकज सिंह चौहान

    पंकज दा इंडियन वायर के मुख्य संपादक हैं। वे राजनीति, व्यापार समेत कई क्षेत्रों के बारे में लिखते हैं।