सोमवार, दिसम्बर 9, 2019

संयुक्त राष्ट्र का कोई भी वोट यरूशलम की स्थिति को नहीं बदल सकता- इजरायली राजदूत

Must Read

झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 : तीसरे चरण का मतदान तय करेगा आजसू का राजनीतिक भविष्य

झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए दो चरण का मतदान संपन्न हो जाने के बाद सभी दल तीसरे चरण में...

उत्तर प्रदेश में दो और बलात्कार, औरेया में चलती कार में किया रेप, बिजनौर में नाबालिग के साथ दुष्कर्म

उत्तर प्रदेश में दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराध को लेकर एक ओर जहां जनता में आक्रोश है, वहीं राज्य में...

रणजी ट्रॉफी : सांप के कारण विदर्भ और आंध्र प्रदेश के बीच मैच में हुई देरी

यहां विदर्भ और आंध्र प्रदेश के बीच खेला जा रहा रणजी ट्रॉफी के ग्रुप-ए का मैच सांप के कारण...

भारत व इजरायल के बीच में रिश्ते काफी मजबूत हो रहे है। लेकिन संयुक्त राष्ट्र में यरूशलम मुद्दे पर भारत ने इजरायल व अमेरिका के खिलाफ जाकर फिलीस्तीन के पक्ष में मतदान किया था। अब इस पर भारत में इजरायल के राजदूत डेनियल कार्मोन ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र का कोई भी वोट यरूशलम की स्थिति को नहीं बदल सकता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने यरूशलम को इजरायल की राजधानी घोषित की थी लेकिन इसके खिलाफ संयुक्त राष्ट्र महासभा में मतदान किया गया जिसमें अमेरिका व इजरायल को करारा झटका लगा है।

भारत में इजरायल के राजदूत डेनियल कार्मोन ने ट्वीट करते हुए कहा कि “यरूशलम हमेशा से इजरायल की राजधानी थी, वर्तमान में है और भविष्य में भी रहेगी। संयुक्त राष्ट्र का कोई भी वोट यरूशलम पर इजरायल की स्थिति को परिवर्तित नहीं कर सकता है। “

डेनियल कार्मोन ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के ट्वीट को रिट्वीट भी किया। इजरायल के प्रधानमंत्री ने यरूशलम पर डोनाल्ड ट्रम्प व संयुक्त राष्ट्र में राजदूत निक्ली हेली के समर्थन पर आभार जताते हुए कहा कि वो संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव को पूरी तरह से खारिज करते है। साथ ही कहा कि यरूशलम इजरायल की राजधानी थी, है और भविष्य में भी रहेगी।

गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र मे मतदान करने से पहले निक्की हेली ने अमेरिकी राष्ट्रपति की चेतावनी को दोहराया था। लेकिन इसके बावजूद भी भारत समेत कुल 128 देशों ने यरूशलम पर ट्रम्प के फैसले को खारिज करने वाले प्रस्ताव के समर्थन में मतदान किया। 9 देशों ने ट्रम्प के समर्थन में मतदान किया और 35 देशों ने मतदान से दूरी बनाए रखी थी।

गौरतलब है कि वर्तमान में भारत व इजरायल के बीच में बेहतरीन संबंध है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अगले साल भारत के दौरे पर आने वाले है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी इस साल जुलाई में  इजरायल यात्रा पर गए थे जहां पर मोदी ने फिलीस्तीन को छोड़ दिया था।

- Advertisement -
- Advertisement -

Latest News

झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 : तीसरे चरण का मतदान तय करेगा आजसू का राजनीतिक भविष्य

झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए दो चरण का मतदान संपन्न हो जाने के बाद सभी दल तीसरे चरण में...

उत्तर प्रदेश में दो और बलात्कार, औरेया में चलती कार में किया रेप, बिजनौर में नाबालिग के साथ दुष्कर्म

उत्तर प्रदेश में दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराध को लेकर एक ओर जहां जनता में आक्रोश है, वहीं राज्य में ऐसे मामलों को लेकर शिकायतों...

रणजी ट्रॉफी : सांप के कारण विदर्भ और आंध्र प्रदेश के बीच मैच में हुई देरी

यहां विदर्भ और आंध्र प्रदेश के बीच खेला जा रहा रणजी ट्रॉफी के ग्रुप-ए का मैच सांप के कारण देरी से शुरू हुआ। मैच...

पीएम मोदी व कांग्रेस नेताओं ने कांग्रेस अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को दीं जन्मदिन की शुभकामनाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को उनके 73वें जन्मदिन की शुभकामनाएं दी। मोदी ने ट्वीट किया, "श्रीमती सोनिया गांधी...

संसद शीतकालीन सत्र : राज्यसभा ने दिल्ली अग्निकांड पर शोक जताया

राज्यसभा ने सोमवार को दिल्ली के रानी झांसी मार्ग इलाके में भयानक आग की चपेट में आकर 43 मजदूरों के मारे जाने पर शोक...
- Advertisement -

More Articles Like This

- Advertisement -