Fri. Jun 14th, 2024
    सेवा मंदिर

    राजस्थान में स्थित गैर-लाभकारी विकास संस्था ‘सेवा मंदिर’ ने हाल ही में अपने 50 साल पुरे किये हैं। इस उपलक्ष्य में संस्था ने ‘आपणो मेलो’ के साथ अपनी 50 वी वर्षगाँठ मनाई।

    ‘सेवा मंदिर’ भारत की सबसे बड़ी गैर-लाभकारी संस्थाओं में से एक है। वर्तमान में राजस्थान में करीब 700 गाँवों के करीबन 360000 लोग इससे जुड़े हुए हैं। ( पूरी जानकारी : सेवा मंदिर क्या है? जानिये इसके उद्देश्य और जुड़ने का तरीका )

    पिछले सप्ताह संस्था की स्वर्ण जयंती मनाने के लिए करीबन 1500 लोग एक साथ जुड़े थे। इनमे मुख्य रूप से ग्राम वासी, शिक्षकगण, अन्य संस्थाओं के लोग, सरकारी अधिकारी, मददकर्ता आदि शामिल थे। इस दौरान मुख्य रूप से इस बात पर चर्चा की गयी कि किस तरह सेवा मंदिर आने वाले समय में अपने लक्ष्य की और बढ़ेगा और आने वाले समय में चुनौतियों का सामना कैसे करेगा?

    बड़ी मात्रा में लोगों के जुड़ने से कार्यकर्म काफी उत्साहपूर्ण रहा।

    सेवा मंदिर बैठक

    इसी के साथ ही कार्यकर्म के दौरान सेवा मंदिर द्वारा किये गए सराहनीय कार्यों का प्रस्तुतीकरण किया गया। कार्यकर्म के मुख्य अथिति के रूप में अर्जुन लाल मीणा शामिल हुए। इसके अलावा सेवा मंदिर के अध्यक्ष अजय मेहता और मुख्य अधिकारी प्रियंका सिंह भी मौजूद रहे।

    प्रियंका सिंह ने इस दौरान अपने भाषण में सेवा मंदिर के कार्य और राजस्थान में संस्था द्वारा किये गए कार्यों का उल्लेख किया।

    उन्होंने बताया, ‘सेवा मंदिर अपने प्रयासों में इसलिए सफल हुआ क्योंकि आम-जनता ने इसमें अपनी भागीदारी दी। अभी तक, गाँवों में विकास का मुख्य जरिया सेवा मंदिर ही रहा है। इसके अलावा भी विभिन्न योजनाओं जैसे बलवाड़ी आदि ने भी गाँवों के उठान में अहम् भूमिका निभायी है। अब समय आ गया है कि इस काम में गाँव के लोगों को भी शामिल किया जाए।’

    इसके बाद गाँव के लोगों और अन्य अधिकारियों ने युवाओं के भविष्य को लेकर चर्चा की। इसके अलावा पर्यावरण नियोजन, पिछड़ा वर्ग आदि कई सामाजिक पहलुओं पर चर्चा की गयी। अधिकारीयों ने गाँवों में स्कूलों की संख्या को बढ़ाने कोई बात कही, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार मिल सके।

    इसके अलावा गाँवों में लड़कियों के उज्जवल भविष्य पर भी चर्चा की गयी। लड़कियों को अवसर न मिलने के कारण वे अपने जीवन में स्वतंत्र होकर नहीं जी पाती हैं।

    शनिवार रात को रंगारंग कार्यकर्म के साथ दिन का अंत हुआ।

    सेवा मंदिर कार्यकर्म

    इसके बाद रविवार को ‘प्रभात फेरी’ के साथ दिन की शुरुआत हुई। इसके बाद सैकड़ों लोगों ने एक रैली निकालकर लोगों को सेवा मंदिर द्वारा किये जा रहे कार्यों से जागरूक करवाया।

    इस दौरान राजस्थान के गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया ने शामिल होकर सभा की शोभा बढ़ायी।

    गुलाब चंद कटारिया सेवा मंदिर में

    उन्होंने अपने भाषण में सेवा मंदिर के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सेवा मंदिर की मदद से पिछड़े वर्ग के लोगों को कई अवसर मिले हैं। सेवा मंदिर की कार्य प्रणाली और विचारधारा का सबसे बड़ा सबूत यह है कि यहाँ जात-पात के मतभेद से परे सभी लोग और बच्चे एक साथ बैठते हैं।

    इसके बाद प्रियंका सिंह ने सभी का अभिवादन कर कार्यकर्म का समापन किया।

    By पंकज सिंह चौहान

    पंकज दा इंडियन वायर के मुख्य संपादक हैं। वे राजनीति, व्यापार समेत कई क्षेत्रों के बारे में लिखते हैं।