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    दावोस सम्मलेन 2018 नरेन्द्र मोदी

    बुधवार को डोनाल्ड ट्रम्प ने इजरायल की नई राजधानी यरूशलम को घोषित की थी। ट्रम्प के फैसले का कई देशों ने विरोध किया है। भारत ने भी ट्रम्प के फैसले का अप्रत्यक्ष तौर पर विरोध किया है। भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि यरूशलम पर भारत का रूख, स्वतंत्र व तीसरे पक्ष द्वारा निर्धारित नहीं है।

    अब भारत में फिलीस्तीन के राजदूत अदनान ए अलीहाइजा ने सबको चौंकाते हुए कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जल्द ही फिलीस्तीन की यात्रा पर जाने वाले है। लेकिन उन्होंने ये नहीं बताया कि वो कब जाएंगे।

    पीएम मोदी के फिलीस्तीन दौरे के बार में राजदूत ने अधिक जानकारी नहीं दी है। संभावना जताई जा रही है कि भारत के प्रधानमंत्री यरूशलम की यात्रा पर भी जा सकते है।

    भारत में फिलीस्तीन के राजदूत अदनान ए अलीहाइजा ने ये घोषणा ऐसे समय पर की है जब ट्रम्प के फैसले के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में शुक्रवार को आपातकालीन बैठक बुलाई है।

    ट्रम्प प्रशासन के खिलाफ मांगा समर्थन

    दरअसल राज्यसभा टीवी पर एक पैनल चर्चा के दौरान अदनान ए अलीहाइजा ने डोनाल्ड ट्रम्प के फैसले की निंदा करते हुए ट्रम्प प्रशासन के खिलाफ पूरी दुनिया से समर्थन मांगा है।

    इस दौरान अदनान ए अलीहाइजा ने घोषणा करते हुए कहा कि आप सभी को पता नहीं है कि भारत के प्रधानमंत्री जल्द ही फिलीस्तीन का दौरा करने वाले है। हालांकि इस दौरे की तारीख व अन्य जानकारी अदनान ने नहीं दी।

    अब देखना होगा कि अगर भविष्य में नरेन्द्र मोदी फिलीस्तीन का दौरा करते है तो उस पर अमेरिका या डोनाल्ड ट्रम्प का क्या रूख रहता है। क्योंकि ट्रम्प ने फिलीस्तीन की मांग को नकारते हुए यरूशलम को इजरायल की राजधानी बनाकर इसका समर्थन किया है।

    जिससे फिलीस्तीन एक तरह से अमेरिका का विरोधी हो गया है। अब नरेन्द्र मोदी फिलीस्तीन की यात्रा पर जाने वाले है। इससे पहले जुलाई महीने में भारत के प्रधानमंत्री ने इजरायल की यात्रा की थी। पीएम मोदी इजरायल की यात्रा करने वाले पहले प्रधानमंत्री बने थे।