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प्रधानमंत्री मोदी के दावोस पहुँचते ही भारत अपनी छाप छोड़ने को तैयार

दावोस सम्मलेन 2018 नरेन्द्र मोदी

विभिन्न प्रकार के उत्तम देशी व्यंजन और लाइव योग के सत्रों के साथ दावोस में कल वार्षिक स्विस उत्सव शुरू होगा। इस उत्सव में 22 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हिस्सा लेंगे और भारत को विश्व की अर्थव्यवस्था में एक विकास इंजन की तरह प्रस्तुत करेंगे। इस बार इस सम्मलेन का विषय है “एक खंडित दुनिया में एक साझा भविष्य बनाना”।

व्यापार, राजनीति, कला, नागरिक समाज और शिक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों से करीब 3000 से ज्यादा लोग दुनिया के 48वें विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) का हिस्सा बनेंगे। ये सभी लोग यहाँ अगले 5 दिन तक ऐल्प्स पहाड़ की बर्फीली वादियों में स्थित एक छोटे स्की रिसोर्ट में रहेंगे। 130 प्रतिभागियों के साथ भारत अभी तक की अपनी उच्चतम हिस्सेदारी प्रस्तुत करेगा।

डब्ल्यूईएफ के अध्यक्ष क्लाउस श्वाब कल शाम को इस सम्मलेन का उदघाटन करेंगे और अपने स्वागत सन्देश में इस सम्मलेन का विषय साझा करेंगे। इसके बाद कुछ कलाकारों का “क्रिस्टल अवार्ड” से सम्मान किया जायेगा इनमे शामिल हैं। बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख़ खानऑस्ट्रेलियाई अभिनेत्री कैट ब्लैंचेट और महान संगीतकार एल्टन जॉन इन कलाकारों को विश्व को सुधारने के लिए गए उनके काम के लिए सराहा जायेगा।

इस शाम को खुशनुमा बनाने के लिए एक बैले नृत्य का प्रदर्शन किया जायेगा तो वहीं भारत, अपने उत्कृष्ट व्यंजन और योग के साथ सबका स्वागत करेगा और अपनी नयी एवं युवा शक्ति के साथ एक नए भारत को सबके सामने लाएगा

आधिकारिक सत्रों का आरम्भ मंगलवार को होगा। इसकी शुरुआत भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने शब्दों के साथ करेंगे, जिसमे उनके द्वारा भारत को खुली अर्थवयवस्था के रूप में प्रस्तुत करे जाने की उम्मीद है जो दुनियाभर से निवेश के लिए तैयार है और विश्व के आर्थिक विकास के लिए एक विकास इंजन की तरह है। 1997 में गए एचडी देवगौड़ा के बाद यह पहला मौका है जब कोई भारतीय प्रधानमंत्री इस सम्मेलन में भाग लेंगे। प्रधानमंत्री मोदी को ‘एक नया, युवा और अभिनव भारत’ बनाने के मौकों से सबको अवगत करेंगे। वह भारत में ‘सहकारी संघवाद’ के साथ अपने अनुभव के बारे में बात कर सकते हैं, जबकि दुनिया में आतंकवाद, आर्थिक असंतुलन पर सामूहिक कार्रवाई के लिए आग्रह करते हुए, साइबर धमकियों और विभिन्न सामाजिक बुराइयों की चर्चा करेंगे। अधिकारियों के मुताबिक, प्रधान मंत्री मोदी भारत में व्यापार करना आसान बनाने के लिए उठाए गए कई कदमों के बारे में भी बात करेंगे। इसके अलावा वे भ्रष्टाचार की जांच, काले धन पर कसकर, कराधान को सुचारू बनाने और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देंगे।

लघु लेकिन केन्द्रित कहे जा रहे प्रधानमंत्री के इस दौरे में वह 20 भारतीय कंपनियों और 40 अन्य देश की कंपनियों के सीईओ के लिए एक रात्रिभोज रखेंगे। मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय व्यापार संगठन के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार समुदाय के 120 सदस्यों की बड़ी सभा भी होगी। इसके अलावा सरकारी सूत्रों के अनुसार वे स्विस राष्ट्रपति एलन बर्ससेट के साथ एक द्विपक्षीय बैठक करेंगे।

प्रधानमंत्री के साथ इस दौरे पर छह केन्द्रीय मंत्रियों – अरुण जेटली, सुरेश प्रभु, पीयूष गोयल, धर्मेंद्र प्रधान, एम जे अकबर और जितेंद्र सिंह साथ जायंगे। शीर्ष उद्योग संगठन सीआईआई के नेतृत्व में सीईओ प्रतिनिधिमंडल में मुकेश अंबानी, गौतम अदानी, अजीम प्रेमजी, राहुल बजाज, एन चंद्रशेखर, चंदा कोचर, उदय कोटक और अजय सिंह शामिल होंगे। वैश्विक नेताओं में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प मौजूद होंगे, लेकिन प्रधान मंत्री मोदी के साथ किसी भी बैठक की संभावना नहीं है क्योंकि अलग दिनों पर वे शहर में होंगे। 

पाकिस्तानी प्रधान मंत्री शाहिद खाकन अब्बासी भी दावोस में होंगे, लेकिन भारत के अधिकारियों ने कहा है दोनों के बीच कोई बैठक नहीं होनी है। जर्मन चांसलर एंजेला मार्केल, इतालवी प्रधानमंत्री पाओलो जेन्टिलोनी, यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष जीन क्लाउड जुंकर, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैन्यूएल मैक्रॉन, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री थेरेसा मे और कैनेडियन प्रधान मंत्री जस्टिन त्रिदेऊ शामिल रहेंगे।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने ‘अमेरिका फर्स्ट पॉलिसी’ के बारे में बात करने की उम्मीद जताई है। राष्ट्रपति ट्रम्प क्या कहते है और जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन सहित अन्य विश्व के नेताओं की इस पर प्रतिक्रिया क्या होगी यह देखने वाली बात होगी। सम्मलेन के दौरान पर्यावरण, आर्थिक स्थिति और अंतर्राष्ट्रीय सम्बन्धों पर हुए सर्वेक्षण के मुद्दों पर बातचीत की भी आशंका जताई जा रही है

डब्ल्यूईएफ शिखर सम्मेलन के दौरान, स्विस सरकार वार्षिक अनौपचारिक डब्ल्यूटीओ मंत्री की बैठक भी आयोजित करेगी, जिसमें वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु और उनके वैश्विक समकक्ष भाग लेंगे। 

स्विस सरकार के एक बयान के अनुसार, भारत और यूरोपीय फ्री ट्रेड एसोसिएशन (ईएफटीए) के बीच एक द्विपक्षीय निवेश सुरक्षा समझौते पर बातचीत और भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (एएफटीए) के बीच परिकल्पित मुक्त व्यापार समझौता होगा। प्रधान मंत्री मोदी की राष्ट्रपति बोरसेट के साथ बैठक के दौरान इसपर प्रमुखता से चर्चा करेंगे।

एक अन्य वक्ता आरबीआई के गवर्नर रघुराम राजन होंगे, जिनकी राजनीति से लेकर अर्थशास्त्र तक की सभी चीजों पर उनके मुखर विचारों पर प्रशंसा एवं आलोचना भी की गई है और 2008 के वैश्विक आर्थिक संकट की भविष्यवाणी के लिए श्रेय दिया जाता है। वह आर्थिक कथाओं की शक्ति पर बात करेंगे और नीति निर्माताओं 21 वीं सदी की चुनौतियों का सामना कैसे कर सकते हैं। बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान महिलाओं के सशक्तिकरण के जरिए भारत में बदलाव के बारे में बात करेंगे।

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