स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से दिए भाषण में कश्मीर का जिक्र किया था। मोदी ने कहा था कि कश्मीर समस्या का हल गोली या गाली से नहीं बल्कि गले लगाने से होगी। मोदी के इस भाषण के तुरंत बाद एक वरिष्ठ अधिकारीयों की टीम कश्मीर के लिए रवाना हुई है जिसका मक़सद कश्मीर की समस्या को समझना एवं इसका हल निकालना है। इस टीम में भाजपा नेता एमजे खान, शाहिद सिद्दीकी, वरिष्ठ पत्रकार कमर आगा और पूर्व न्यायाधीश इशरत मसरूर कुद्दूसी शामिल होंगे। इस टीम का नेतृत्व एमजे खान करेंगे।

इस स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मोदी ने कश्मीर की समस्या का हल निकालने की बात की थी। मोदी ने कहा था कि इस समस्या को हल करने के लिए हमें हिंसा के बजाय प्रेम की भावना अपनानी होगी। मोदी ने कहा था कि हमें कश्मीर को देश की मुख्यधारा से जोड़ना होगा। इससे घाटी के युवाओं को रोजगार मिलेगा और इससे उन्हें पत्थरबाजी से रोका जा सकेगा। मोदी के इस भाषण के बाद अब एक टीम कश्मीर जायेगी और वहां के लोगों से बात करके इस समस्या का हल निकालने की कोशिश करेगी। भाजपा के पूर्व नेता होते हुए एमजे खान ने यह साफ कर दिया है कि उनका यह दौरा सरकारी नहीं है।

पूर्व राज्यसभा सदस्य शाहिद सिद्दीकी ने कहा, ‘कश्मीर समस्या पर प्रधानमंत्री का बयान काफी सराहनीय है। उन्होंने साफ कर दिया कि कश्मीर समस्या का समाधान बातचीत के जरिए ही हल किया जा सकता है। प्रधानमंत्री के बयान को कश्मीर के लोगों ने काफी स्वागत किया है। इससे साफ है कि प्रधानमंत्री कश्मीर समस्या के लिए काफी गंभीर हैं और बैठकर बातचीत के जरिए हल तलाश रहे हैं।’

सिद्दीकी ने आगे कहा कि, ‘इसी मद्दे नजर हम सब भी कश्मीर की समस्या के समाधान के लिए ही कश्मीर जा रहे हैं। इस समिति का सरकार से कोई लेना देना नहीं है। हम आपसी सहमति से व्यक्तिगत स्तर पर कश्मीर जा रहे हैं, ताकि वहां के लोगों से मिलकर उनकी समस्याओं को समझ सकें। जिससे की घाटी में शांति का मार्ग खुल सके।’


पंकज दा इंडियन वायर के मुख्य संपादक हैं। वे राजनीति, व्यापार समेत कई क्षेत्रों के बारे में लिखते हैं।