2019 तक दो नई इलेक्ट्रिक कारें लॉन्च करेगा महिंद्रा

महिंद्रा इलेक्ट्रिक वाहन लांच

देश की एकमात्र इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण करने वाली कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा ने नई दिल्ली और हैदराबाद में कैब एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म पर अपने सैकड़ों इलेक्ट्रिक हेचबैक ई 20 प्लस और इलेक्ट्रिक सेडान ईवीरियो को लॉन्च करने के लिए उबर के साथ एक साझेदारी की है।
महिंद्रा ऐंड महिंद्रा के एमडी पवन गोयनका ने कहा, देश में इलेक्ट्रिक वाहन सेक्टर में अग्रणी होने के ​नाते हम इस माकेर्ट में शीर्ष पर बने रहना चाहते हैं।

महिंद्रा ऐंड महिंद्रा प्रतिस्पर्धी कीमतों पर इलेक्ट्रिक वाहन की सप्लाई तथा उनके रखरखाव की जिम्मेदारी के साथ उबर तथा अन्य सहयोगी कंपनियों को वित्तीय सेवाएं भी उपलब्ध कराएगा। साझेदारी की शर्तों के मुताबिक, उबेर और महिंद्रा देश के बड़े शहरों में इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना के ​लिए सार्वजनिक और कई निजी संस्थाओं के साथ मिलकर काम करेंगे। जुलाई 2017 में महिंद्रा ऐंड महिंद्रा ने कैब एग्रीगेटर सेक्टर में कदम रखने संबंधी योजना की घोषणा थी।

उस समय समूह के अध्यक्ष आनंद महिंद्रा ने कहा था कि विशेष रूप से भीड़भाड़ वाले शहरों और महानगरों में यात्रा के लिए निजी वाहनों की संख्या सीमित हो सकती है। क्योंकि पेट्रोल और डीजल कारों की डिमांड में कमी दिखनी शुरू हो चुकी है। आप को बता दें कि अपने शुरूआती दिनों में उबर की सबसे बड़ी प्रतिस्पर्धी कंपनी ओला ने दिल्ली/एनसीआर में टाटा मोटर्स के साथ मिलकर अपने बेड़े में नैनो इलेक्ट्रिक व्हीकल को लॉन्च किया था।

ग्लोबल कैब एग्रीगेटर उबर ने 2019 से 2021 के बीच वोल्वो से 24,000 ड्राइवर-रहित कार खरीदने की घोषणा की है। उबर भविष्य की संभावनाओं पर भी अपनी नजर टिकाए हुए है। साल 2010 में महिंद्रा ने इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण यूनिट की स्थापना की। बेंगलुरू आधारित कंपनी महिंद्रा ने मार्च 2011 तक 26 अलग-अलग देशों मेें 4,000 इलेक्ट्रिक कारें बेच चुका है। आपको बता दें कि साल 2016—17 में देश में कुल 2,000 इलेक्ट्रिक कारें बिकीं। यह आंकड़ा पैसेंजर व्हीकल्स सेल्स का महज 0.7 फीसदी है।

इसके ठीक दो साल बाद महिंद्रा ने ई20 प्लस और हैचबैक जैसे इलेक्ट्रिक व्हीकल्स लॉन्च किया। महिंद्रा इलेक्ट्रिक वाहनों के तहत सेडान ईरिटो जैसे ब्रैंडेड वाहनों को शामिल कर चुका है। अभी हाल में आनंद महिंद्रा ने कहा था कि कंपनी ने ईवी ड्राइव के विस्तार के लिए मोटर कंपनी फोर्ड के साथ साझेदारी की है।

फिक्की और रॉकी माउंटेन इंस्टीट्यूट की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, अगर भारत की सड़कों पर केवल इलेक्ट्रिक कारें ही दौड़ें तो देश के तेल आयात में 300 अरब डॉलर तक की बचत हो सकती है। दिल्ली जैसे शहर में आॅटोमाबाइल उत्सर्जन ही धुंध का प्रमुख कारण बना है। ऐसे में महिंद्रा एंड महिंद्रा कैब एग्रीगेटर उबेर के माध्यम से इलेक्ट्रिक वाहनों को पेश कर राजधानी को प्रदूषणमुक्त बनाने मेें अपना अहम योगदान दे सकता है।

2018 एक्सपो में केयूवी 100 को लांन्च करने की तैयारी

महिंद्रा केयूवी 100

आप को दोबारा इस बात की जानकारी दे दूं कि महिंद्रा भारत में एकमात्र कंपनी है, जो इलेक्ट्रिक कारों का निर्माण करती है। हांलाकि कंपनी की ​बिक्री दर अभी बहुत अच्छी नहीं है। चालू वित्तीय वर्ष के शुरूआती 7 महीनों में महिंद्रा 600 इलेक्ट्रिक कारें बेचने में कामयाब रहा।
महिंद्रा ऐंड महिंद्रा के प्रबंध निदेशक डॉ. पवन गोयनका ने कहा कि फिलहाल हमने दो इलेक्ट्रिक कारों को लॉन्च करने की योजना बनाई है।

 

पहली इलेक्ट्रिक कार 2018 तक मार्केट में आ जाएगी, दूसरी इलेक्ट्रिक कार को 2019 के अंत तक लॉन्च किया जाएगा।  उन्होंने कहा कि कंपनी इन कारों के बनाने में कुल 600 करोड़ रूपए तक का निवेश करेगी। फिलहाल, कंपनी प्रति दिन 100 इलेक्ट्रिक कारें बनाती है और अगले छह महीनों में यह उत्पादन क्षमता प्रति माह 1,000 कारों तक बढ़ाई जाएगी।

2019 तक महिंद्रा ने 5000 इलेक्ट्रिक कारें बनाने की योजना बनाई है। अभी यह कहना जल्दबाजी होगी महिंद्रा कौन सी दो नई कारें लॉन्च करेगा। हांलाकि, केयूवी 100 को लांन्च करने की उम्मीद जताई जा रही है। इस योजना की पूरी झलक हमें 2018 ऑटो एक्सपो में ही देखने को मिल सकती है।