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सितंबर 2018 से चाबहार पर होगा भारत का नियंत्रण, निर्माण प्रक्रिया शुरू

ईरान भारत
ईरान के चाबहार में शाहिद बहिश्ती बंदरगाह पर भारतीय प्रबंध व संचालन करीब 9 महीने बाद शुरू होगा। आईपीजीपीएल ने इसकी जानकारी दी है।

ईरान के चाबहार में शाहिद बहिश्ती बंदरगाह पर भारतीय प्रबंधन व संचालन करीब 9 महीने बाद शुरू होगा। अगले साल सितंबर 2018 से भारत भी चाबहार बदंरगाह के परिचालन प्रबंध में हिस्सा लेगा। इंडियन पोर्ट ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड (आईपीजीपीएल) के प्रबन्ध निदेशक अरूण कुमार गुप्ता ने इस बात की जानकारी दी है।

इनके मुताबिक भारत जनवरी के पहले सप्ताह से चाबहार बंदरगाह की मार्केटिंग (विपणन) की व्यवस्था शुरू करेगा। जिसके तहत पहला कार्यक्रम दिल्ली में होगा। इसके बाद ईरान, मध्य एशिया और अफगानिस्तान के अन्य शहरों में आईपीजीपीएल चाबहार बंदरगाह की मार्केटिंग करेगा।

वर्तमान में इंडियन पोर्ट ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड (आईपीजीपीएल), जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) और दीनदयाल पोर्ट ट्रस्ट (पूर्व कांडला पोर्ट ट्रस्ट) के बीच 60:40 के तहत संयुक्त उपक्रम है। ये ही चाबहार के देखरेख व संचालन के लिए जिम्मेदार है।

मई 2016 में हुआ था समझौता

इंडियन पोर्ट ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड (आईपीजीपीएल) और आरिया बानादर ईरानी पोर्ट के बीच में मई 2016 को चाबहार पोर्ट के शाहिद बहिश्ती बंदरगाह के लिए कंटेनर और बहुउद्देश्यीय टर्मिनलों को तैयार करने और संचालित करने पर एक समझौता हुआ था।

इस समझौते के तहत पहले चरण को पूरा करने के लिए 10 साल के पट्टे पर 85.21 मिलियन डॉलर का पूंजी निवेश और 22.95 मिलियन डॉलर का वार्षिक राजस्व व्यय करना तय हुआ।

आईपीजीपीएल ने कंटेनर टर्मिनल के लिए चार नए पोस्ट-पैनामाक्स आकार वाले रेल-माउंट क्रेन का ऑर्डर चीन के शंघाई झेंहुआ हैवी इंडस्ट्रीज सह लिमिटेड (जेडपीएमसी) को पहले ही दे दिया है।

इसके अलावा 14 रबर-ट्रायर गैन्ट्री क्रेन को खरीदने का आदेश एक महीने के भीतर दिया जाएगा। आईपीजीपीएल ने 140 टन के दो मोबाइल बंदरगाह क्रेन (एमएचसी) और 100 टन के चार एमएचसी व 32 ट्रेक्टर-ट्रेलर्स खरीदने के लिए बोली लगाई है।

चाबहार के कंटेनर और टर्मिनलों के रखरखाव की होगी जिम्मेदारी

गौरतलब है कि कुछ सप्ताह पहले ही ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने चाबहार बंदरगाह का आधिकारिक उद्घाटन किया था। चाबहार बंदरगाह अभी पूरी तरह से तैयार नहीं हुआ है। इसके पहले चरण का काम अगले साल सितंबर 2018 में पूरा किए जाने की संभावना है।

इसमें कंटेनर और बहुउद्देश्यीय टर्मिनलों पर कार्य में शुरूआती दिक्कतें भी आ रही है। बंदरगाह के अधिकारी ने भी कहा है कि चाबहार बंदरगाह का पहला चरण सितंबर 2018 तक ही पूरा हो सकेगा। लेकिन भारत का व्यापार चाबहार के साथ पहले से ही चल रहा है।

अदानी पोर्ट्स एवं स्पेशल इकॉनोमिक जोन लिमिटेड, जे एम बाक्सी ग्रुप व जेएसडब्ल्यू इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को आईपीजीपीएल ने चाबहार बंदरगाह पर काम करने के लिए निविदा के तहत शॉर्टलिस्ट कर रखा है।

इन तीनों कंपनियों की जिम्मेदारी चाबहार में कंटेनर और बहुउद्देश्यीय टर्मिनलों का प्रबंधन, संचालन और रखरखाव करने की होगी। भारत चाबहार में बड़ी मात्रा में निवेश कर रहा है।

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